दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट पर रोक पर बोले सौरभ भारद्वाज- पंजाबियों से इतनी नफरत क्यों?
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के दिल्ली में प्रस्तावित कॉन्सर्ट को अनुमति नहीं मिलने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिलजीत दोसांझ के साथ उनके किसान आंदोलन के समर्थन और छात्रों के पक्ष में आवाज उठाने के कारण भेदभाव किया जा रहा है।
वहीं, तिलक नगर से 'आप' विधायक जरनैल सिंह ने भी 30 अक्टूबर को प्रस्तावित शो की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। हालांकि, अनुमति नहीं मिलने के पीछे बताए जा रहे सुरक्षा संबंधी कारणों पर दिल्ली पुलिस का पक्ष इन बयानों में सामने नहीं आया है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि क्या भाजपा को पंजाबियों से इतनी नफरत है कि अब दिल्ली में दिलजीत दोसांझ के शो को अनुमति नहीं दी जा रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के साथ भी अपमानजनक व्यवहार किया गया था और अब पंजाब की एक अन्य बड़ी हस्ती को निशाना बनाया जा रहा है।
भारद्वाज ने सवाल उठाया कि क्या दिलजीत दोसांझ के किसान आंदोलन का समर्थन करने और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध करने की वजह से उनके कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिली है? सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने का संदेश दे रही है।
उनके मुताबिक, देश में कई बड़े उद्योगपति और फिल्मी सितारे सरकार से डरते हैं, जबकि दिलजीत दोसांझ उन कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने किसान आंदोलन के दौरान किसानों के समर्थन में आवाज उठाई थी। उन्होंने छात्रों के साथ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर भी दिलजीत के रुख का उल्लेख किया।
'आप' नेता ने कहा कि दिलजीत दोसांझ और भाजपा सांसद कंगना रनौत के बीच सोशल मीडिया पर भी कई बार विवाद हुआ था। उन्होंने फिल्म 'सतलुज' का जिक्र करते हुए दावा किया कि पंजाब में आतंकवाद के दौर के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों पर आधारित इस फिल्म पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।
भारद्वाज के अनुसार, इसके बावजूद पंजाब के लोगों ने अपने घरों और मोहल्लों में स्क्रीन लगाकर फिल्म देखी थी। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से युवाओं के बीच दिलजीत दोसांझ की लोकप्रियता और बढ़ सकती है। भारद्वाज ने फिल्म जगत की कुछ हस्तियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि कलाकारों को सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे कलाकारों की जरूरत है जो दबाव के बावजूद अपनी आवाज उठाने से पीछे न हटें।
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उन लोगों के कार्यक्रमों को अनुमति दे देती है, जिन पर वे नफरत फैलाने का आरोप लगाते हैं, लेकिन दिलजीत दोसांझ जैसे कलाकार के कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी जा रही है, जो युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं और प्यार तथा पंजाब की संस्कृति की बात करते हैं।
उन्होंने दिलजीत को किसानों और छात्रों के पक्ष में आवाज उठाने वाला कलाकार बताते हुए कहा कि सरकार के खिलाफ बोलने वाले लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। हालांकि, कार्यक्रम की अनुमति से जुड़े प्रशासनिक निर्णय और उसके पीछे के आधिकारिक कारणों की स्वतंत्र पुष्टि इन बयानों से नहीं होती है।
तिलक नगर से 'आप' विधायक जरनैल सिंह ने भी दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को अनुमति नहीं मिलने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि 30 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को सुरक्षा कारणों से रद्द किया गया है, तो जनता को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने पूछा कि यदि सुरक्षा को लेकर कोई चिंता थी, तो उचित योजना बनाकर कार्यक्रम आयोजित कराने का रास्ता क्यों नहीं निकाला गया?
जरनैल सिंह ने कहा कि कलाकारों और संगीत प्रेमियों को भ्रम की स्थिति में रखने के बजाय प्रशासन को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिलजीत दोसांझ केवल पंजाब में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत और विदेशों में भी लोकप्रिय हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई कलाकार देश की राजधानी में आकर अपना कार्यक्रम नहीं कर सकता?
'आप' विधायक ने यह भी कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है। यदि कार्यक्रम को लेकर कोई वास्तविक सुरक्षा चुनौती थी, तो उसके समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए, यह बताया जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर पंजाबी हस्तियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के कदमों से पंजाब के लोगों में नाराजगी बढ़ सकती है।
--आईएएनएस
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