×

'डॉक्टर साहब हम जीत गए', जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक जीत पर भावुक हुए अनिल गुप्ता

 

नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है। जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच खेला गया रणजी ट्रॉफी एलीट 2025-26 का खिताबी मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। हालांकि, पहली पारी में बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर चैंपियन बनी। टीम के चैंपियन बनते ही जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के हेड अनिल गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को फोन करके इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।

अनिल गुप्ता ने तिरुवनंतपुरम में मौजूद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को पूरे उत्साह के साथ फोन किया। उन्होंने कहा, "डॉक्टर साहब, हम जीत गए।" जम्मू कश्मीर ने 67 साल का सूखा खत्म करते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी के खिताब को अपने नाम किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जम्मू-कश्मीर की इस जीत को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा, "जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने पर बधाई। यह ऐतिहासिक जीत टीम के धैर्य, अनुशासन और जुनून को दिखाती है। यह जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए गर्व का पल है और यह वहां बढ़ते खेल के जुनून और टैलेंट को दर्शाता है। उम्मीद है कि यह कामयाबी कई युवा खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और खेलने के लिए प्रेरित करेगी।"

फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन शानदार रहा। पहली पारी में जम्मू-कश्मीर ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए स्कोरबोर्ड पर 584 रन लगाए। टीम की तरफ से शुभम पुंडीर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 रनों की दमदार पारी खेली, जबकि यावर हसन ने 88 रनों का योगदान दिया। कप्तान पारस डोगरा ने 70 रन बनाए।

इसके जवाब में कर्नाटक की पूरी टीम पहली पारी में सिर्फ 293 रन बनाकर ढेर हो गई। कर्नाटक की ओर से मंयक अग्रवाल ने 160 रनों की लाजवाब पारी खेली, लेकिन उन्हें बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिल सका। जम्मू-कश्मीर की तरफ से गेंदबाजी में औकिब नबी डार ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट निकाले। पहली पारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर ने 291 रनों की बढ़त हासिल की।

जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में भी शानदार प्रदर्शन किया। कमरान इकबाल ने 311 गेंदों का सामना करते हुए 160 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं, साहिल लोत्रा भी 101 रन बनाकर नाबाद रहे।

--आईएएनएस

एसएम/आरएसजी