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डीएमके-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग पर शाहनवाज हुसैन का तंज, बताया 'डूबता जहाज'

 

पटना, 29 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बने गतिरोध पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर 'डूबते जहाज' की राजनीति करने का आरोप लगाया।

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि तमिलनाडु में डीएमके को यह लगने लगा है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन करना मतलब डूबते जहाज पर सवार होना है। उन्होंने दावा किया कि जहां-जहां कांग्रेस के साथ समझौता हुआ, वहां सहयोगी पार्टियां नुकसान में रहीं। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि राजद कांग्रेस के साथ गठबंधन में गई और राहुल गांधी उन्हें डुबोकर आगे बढ़ गए।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि डीएमके के भीतर भी इस बात को लेकर असमंजस है कि कांग्रेस के साथ जाना फायदेमंद होगा या नहीं। उनके अनुसार, तमिलनाडु में कांग्रेस का कोई मजबूत वोट बैंक नहीं है और वहां राहुल गांधी के खास समर्थक भी नहीं हैं। कांग्रेस सिर्फ गठबंधन की राजनीति करके कुछ सीटें हासिल करती है।

उन्होंने कांग्रेस के हालिया चुनावी प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा में लगातार तीन चुनावों में हार, दिल्ली में शून्य सीटें और बिहार में सिंगल डिजिट में जीत, इस तरह के प्रदर्शन के बाद कोई पार्टी कांग्रेस को अपने साथ क्यों रखना चाहेगी? उन्होंने तुलना करते हुए कहा, "टीम इंडिया का चयन होता है तो पिछले कई मैचों का रिकॉर्ड देखा जाता है। यहां तो कांग्रेस का रिकॉर्ड लगातार कई पारियों में शून्य रहा है।"

उन्होंने डीएमके को सलाह दी कि सत्ता में आने की इच्छा है तो कांग्रेस के साथ जाने से पहले किसी अच्छे चुनावी रणनीतिकार से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि उनके मुताबिक कांग्रेस के साथ जाना मतलब जीरो पर आउट होना तय है।

संसद के बजट सत्र पर बोलते हुए शाहनवाज हुसैन ने विपक्ष पर मर्यादाएं तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में जाना, हंगामा करना और संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना विपक्ष की आदत बन गई है। अब तो राष्ट्रपति के अभिभाषण को भी नहीं छोड़ा गया। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस और तृणमूल किस स्तर की राजनीति कर रही हैं और देश यह सब देख रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राष्ट्रपति का अपमान कर रहा है और संसद में ऐसा व्यवहार कर रहा है, जो किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस नेताओं को भगवान राम के नाम से भी आपत्ति होती है। कांग्रेसियों के सामने 'जय श्री राम' बोल दीजिए, वे भड़क जाते हैं। उन्होंने ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उनके सामने कोई यह नारा लगाता है, तो वह गाड़ी से उतरकर बहस पर उतर आती हैं।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम