Diwali Shopping Tips: दिवाली की खरीदारी से पहले जरूर करें ये 5 काम, प्रदूषित हवा से फेफड़ों को बचाने में मिलेगी मदद
दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लोग नए कपड़े, मिठाइयां, गिफ्ट और घर सजाने का सामान खरीदने के लिए बाजारों का रुख कर रहे हैं। हालांकि, त्योहार की इस चहल-पहल के बीच बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों की सेहत के लिए चिंता का विषय बन गया है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई शहरों में इन दिनों हवा की गुणवत्ता खराब से गंभीर श्रेणी तक पहुंच रही है। सड़कों पर छाई धुंध को कई लोग सामान्य कोहरा समझ लेते हैं, जबकि यह प्रदूषण और स्मॉग का असर भी हो सकता है। ऐसे में प्रदूषित हवा के बीच घंटों बाजारों में घूमना फेफड़ों और सांस की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
सीके बिड़ला हॉस्पिटल, गुरुग्राम के एसोसिएट डायरेक्टर, पल्मोनोलॉजी एंड क्रिटिकल केयर डॉ. कुलदीप कुमार ग्रोवर के मुताबिक, दिवाली के दौरान लोग अक्सर वायु प्रदूषण को गंभीरता से नहीं लेते। जबकि कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर प्रदूषित हवा के संपर्क को कम किया जा सकता है। अगर आप भी दिवाली की शॉपिंग के लिए बाजार जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 5 बातों का ध्यान जरूर रखें।
1. घर से निकलने से पहले AQI जरूर चेक करें
दिवाली की खरीदारी के लिए निकलने से पहले अपने इलाके का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) जरूर जांच लें। अगर हवा की गुणवत्ता बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में है, तो गैर-जरूरी बाहर जाने से बचना बेहतर है।
खासकर भीड़भाड़ वाले बाजारों और ज्यादा ट्रैफिक वाली सड़कों पर लंबे समय तक रुकने से बचें। इससे प्रदूषित हवा के संपर्क में आने का समय कम किया जा सकता है।
2. प्रदूषण से बचने के लिए पहनें N95 मास्क
बाजार में शॉपिंग करने जाते समय N95 मास्क पहनना फायदेमंद हो सकता है। साधारण कपड़े या सर्जिकल मास्क की तुलना में N95 मास्क हवा में मौजूद PM2.5 जैसे बेहद छोटे प्रदूषण कणों को फिल्टर करने में ज्यादा प्रभावी होता है।
ध्यान रखें कि मास्क अच्छी गुणवत्ता का हो और चेहरे पर सही तरीके से फिट हो। इसे इस तरह पहनें कि नाक और मुंह दोनों पूरी तरह ढके रहें।
3. शॉपिंग के लिए सही समय चुनें
बाजार जाने से पहले स्थानीय AQI की स्थिति जरूर देखें। सुबह या देर शाम के समय प्रदूषण का स्तर कुछ जगहों पर अधिक हो सकता है, इसलिए केवल समय के आधार पर हवा को साफ न मानें।
कोशिश करें कि ट्रैफिक के व्यस्त समय में बाहर निकलने से बचें। खरीदारी की पहले से सूची बना लें, ताकि बाजार में ज्यादा देर तक न रुकना पड़े। इससे प्रदूषित हवा में रहने का समय कम होगा।
4. शरीर में पानी की कमी न होने दें
भीड़भाड़ वाले बाजारों में लगातार पैदल चलना, भारी शॉपिंग बैग उठाना और इधर-उधर घूमना शरीर पर दबाव डाल सकता है। इस दौरान सांस लेने की गति बढ़ सकती है और प्रदूषित हवा के संपर्क में आने की मात्रा भी बढ़ सकती है।
इसलिए खरीदारी के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें और बीच-बीच में आराम करें। जरूरत पड़ने पर नाक में नमी बनाए रखने के लिए सलाइन स्प्रे का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
5. बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों का रखें खास ध्यान
वायु प्रदूषण का असर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर ज्यादा पड़ सकता है। इसके अलावा अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और COPD जैसी सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
अगर प्रदूषण के बीच बाहर रहने पर खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न, घरघराहट या गले में जलन जैसे लक्षण महसूस हों, तो उन्हें नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
स्मॉग और कोहरे में क्या होता है अंतर?
डॉ. ग्रोवर के मुताबिक, सामान्य कोहरा और स्मॉग एक जैसी चीजें नहीं हैं। कोहरा हवा में मौजूद पानी की बेहद छोटी बूंदों से बनता है, जबकि स्मॉग में PM2.5, PM10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और दूसरे हानिकारक प्रदूषक शामिल होते हैं।
जब कोहरा और वायु प्रदूषण एक साथ मिल जाते हैं, तो हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है। इससे सांस संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए दिवाली की खरीदारी के दौरान सिर्फ मौसम देखकर बाहर निकलने का फैसला न करें, बल्कि अपने इलाके का AQI भी जरूर जांचें।