दिवाली से पहले पटाखा बाजारों में उमड़ी भीड़, ग्रीन पटाखों का बढ़ा क्रेज, ट्वाय ट्रेन बनी बच्चों की पसंद
अमृतसर, 6 नवंबर (आईएएनएस)। दिवाली से पहले पटाखा बाजारों में त्योहारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जहां पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच खरीदार प्रमाणित ग्रीन पटाखों और नई किस्मों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
पिछले साल की दिवाली और इस साल की दिवाली को लेकर चश्मीर सिंह ने कहा, "फर्क तो है। मतलब लोकल और आम लोगों का काम हुआ है। आगे जो आप देख रहे हैं, लोगों में जागरूकता ज्यादा है। लोग डरते हैं कि ज्यादा तेज पटाखों से कहीं नुकसान न हो जाए, कहीं आग न लग जाए या कोई हादसा न हो जाए। दिवाली के समय ऐसा अक्सर होता है, कभी हाथ में पटाखा फट जाता है, कभी कोई गलत चीज ले ली तो ब्लास्ट हो जाता है।"
उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए भी अब माता-पिता खुद साथ खड़े होकर पटाखे चलवाते हैं। मेरे हिसाब से पटाखों का उपयोग भी पहले से आधा हो गया है, क्योंकि अब नए-नए ग्रीन पटाखे आ गए हैं। बच्चों को मोबाइल का भी शौक ज्यादा हो गया है, इसलिए क्रेज थोड़ा कम है लेकिन जैसे-जैसे बाजार पूरी तरह लगेगा, भीड़ बढ़ेगी। बाजार अगर 15-20 दिन पहले लग जाता तो और ज्यादा रौनक होती।
एक व्यापारी जितेंद्र सिंह ने कहा, "दिवाली का क्रेज हर बार रहता है। बच्चे हर साल दिवाली का इंतजार करते हैं कि नए-नए पटाखे मिलेंगे, पटाखे फोड़ेंगे। इस बार भी दिवाली में काफी खास चीजें हैं। ग्रीन पटाखे ज्यादा दिख रहे हैं, जिनसे नुकसान कम होता है।"
उन्होंने कहा कि माता-पिता भी बच्चों के साथ आ रहे हैं और जो पटाखे हैं, वे ग्रीन पटाखे हैं। बच्चे भी खुश हैं। नए-नए तरह के पटाखे आए हैं। जैसे ट्वाय ट्रेन आई है जो पटाखा भी है और खिलौने जैसा भी लगता है। इसी तरह कई नई वैरायटी आई हैं। बच्चे भी खुश हैं और अभिभावक भी खुश हैं।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि ग्रीन दिवाली मनाने से प्रदूषण कम होगा और आने वाला भविष्य बेहतर रहेगा। बच्चों को भी यह बात समझ में आ गई है कि ग्रीन पटाखे चलाना हमारी सेहत के लिए बेहतर है। स्कूलों में भी बच्चों को सिखाया जाता है कि ग्रीन पटाखे चलाओ, क्योंकि ज्यादा प्रदूषण पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा प्रभाव डालता है। इसलिए अब लोग इस बात से संतुष्ट हैं।
ग्रीन दिवाली को लेकर अरविंद सिंह ने कहा कि इस बार पटाखे अच्छे और ग्रीन हैं। कम प्रदूषण वाले हैं। पहले अनार थे, चकरी थी और कई तरह के पारंपरिक पटाखे हुआ करते थे। अब समय के साथ उनमें भी बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि इंतजार था कि बच्चे नए कपड़े पहनेंगे, मिठाइयां खाएंगे, घर जगमगाएंगे और दीप जलाएंगे। बच्चे अपनी खुशियों को और बढ़ा देंगे। आप देख सकते हैं कि लगातार लोग पटाखे खरीदने आ रहे हैं। परिवारों के साथ बच्चे भी नजर आ रहे हैं। इस बार ग्रीन दिवाली मनाई जा रही है और लोग इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
--आईएएनएस
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