पति-पत्नी में विवाद, पति ने हत्या कर शव जलाया और थाने में कर दी रिपोर्ट, CCTV से हुआ खुलासा
राजस्थान के झालावाड़ जिले के कामखेड़ा क्षेत्र के सरेड़ी गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पति-पत्नी के झगड़े के बाद घर में आग लगने से महिला और उसके दो मासूम बच्चों की जलकर मौत हो गई। सूचना मिलने पर थानाधिकारी सुनील वर्मा और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
झगड़े के बाद लगी आग, महिला और बच्चे जले
जानकारी के अनुसार, घटना से कुछ देर पहले मृतका रंजीता और उसके पति अनिल साहू के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक हुई थी। महिला ने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल करके पति की करतूतों की शिकायत की थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रात में ही पति को गिरफ्तार कर लिया था। इसके कुछ समय बाद ही घर में आग लगने की सूचना मिली।
जब पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो रंजीता और उसके दो बच्चे — 4 वर्षीय बेटा स्वास्तिक और 2 वर्षीय बेटी श्यानी — कमरे में आग से झुलसे और दम घुटने की स्थिति में पाए गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
7 साल पहले हुई थी शादी, पति फल विक्रेता
कामखेड़ा थाना अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि रंजीता मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली थीं। करीब 7 साल पहले उनकी शादी सरेड़ी गांव के निवासी अनिल साहू से हुई थी। अनिल अकलेरा में फल विक्रेता का काम करता है। पुलिस ने घटना के संदर्भ में कहा कि पति-पत्नी के बीच गुरुवार रात को झगड़ा हुआ था, जिसके बाद महिला ने पुलिस को फोन किया था।
एक ही चिता पर अंतिम संस्कार
घटना की सूचना मिलने पर गांव में मातम छा गया। शुक्रवार दोपहर को रंजीता और उसके दोनों बच्चों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव में भारी शोक और दुख की लहर दौड़ गई। परिजन और ग्रामीण इस त्रासदी से गहरे आहत हैं।
आत्महत्या या हादसा? पुलिस जांच में जुटी
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महिला और उसके बच्चों की मौत आग लगने के कारण हुई या यह कोई आत्महत्या का मामला है। मृतका के पिता का कहना है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की संभावना है। फिलहाल पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवा लिया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिवार में तनाव और भविष्य की अनिश्चितता
यह घटना क्षेत्र में घरेलू हिंसा और परिवारिक तनाव की एक गंभीर मिसाल है। परिवार और गांव में यह सवाल उठा है कि आखिरकार इस दुखद घटना को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते थे। महिला के पति की गिरफ्तारी और पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि मौत का असली कारण क्या था।
यह मामला घरेलू विवाद से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और सुरक्षा की जरूरत को उजागर करता है। स्थानीय प्रशासन को इस तरह की घटनाओं पर कड़ी नजर रखनी होगी ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।