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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर कांग्रेस का हमला, बोली-जिम्मेदारी से नहीं बच सकती भाजपा

 

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू किए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली की भाजपा सरकार को घेरते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता उदित राज और कांग्रेस सचिव अभिषेक दत्त ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में विफल रही है और अब अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

कांग्रेस नेता उदित राज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में फैली जहरीली गैस और प्रदूषण को सोखने के लिए कोई कंटेनर होता, तो उसे भाजपा नेताओं के घरों में भर देना चाहिए या सीधे उनकी नाक में ठूंस देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भाजपा के पास दिल्ली की सत्ता नहीं थी, तब उसके नेता प्रदूषण को लेकर खूब हंगामा करते थे और तत्कालीन राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते थे।

उदित राज ने कहा कि आज दिल्ली में उपराज्यपाल, नगर निगम, विधानसभा और केंद्र सरकार पर भाजपा का नियंत्रण है। ऐसे में अब पार्टी प्रदूषण के लिए किसे जिम्मेदार ठहराएगी? उन्होंने कहा कि भाजपा को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और प्रदूषण की समस्या का समाधान करना चाहिए।

कांग्रेस सचिव अभिषेक दत्त ने भी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब से दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी है, तब से उसके पास अपनी विफलताओं के लिए कोई बहाना नहीं बचा है। इसके बावजूद सरकार ने प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू होने को सरकार की नाकामी का संकेत बताया।

अभिषेक दत्त ने कहा कि न्यायालय भी प्रदूषण के कारण लोगों के बीमार पड़ने और मौतों को लेकर चिंता जता चुका है। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।

अभिषेक दत्त ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के कारण गरीब मजदूरों और खासकर निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों की आजीविका पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगने से मजदूर अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे।

उन्होंने ग्रीन पटाखों के नाम पर पटाखों की बिक्री शुरू किए जाने पर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सुझाव दिया कि दिल्ली के सभी 13 जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के माध्यम से पटाखों की बिक्री की व्यवस्था की जानी चाहिए।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम