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दिल्ली में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू, ईवी बसों का बेड़ा 5,000 के पार

 

नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली में हरित और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से इन बसों को रवाना किया। इसके साथ ही राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 5,000 के पार पहुंच गई और कुल बस बेड़ा करीब 6,800 हो गया।

इस अवसर पर दिल्ली-करनाल अंतरराज्यीय ई-बस सेवा, लेडीज स्पेशल बस सेवा और डीटीसी के राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी शुभारंभ किया गया।

नई 200 इलेक्ट्रिक बसों में 88 बसें 12 मीटर और 112 बसें नौ मीटर की हैं। ये सभी लो-फ्लोर और वातानुकूलित बसें हैं। सरकार ने 2028-29 तक दिल्ली के कुल बस बेड़े को करीब 14,000 बसों तक बढ़ाने और डीटीसी की सभी बसों को इलेक्ट्रिक में बदलने का लक्ष्य रखा है।

महिलाओं और छात्राओं के लिए शुरू की गई लेडीज स्पेशल बस सेवा में महिला पुलिसकर्मी और होमगार्ड मार्शल तैनात किए गए हैं। इन बसों का संचालन महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। महिला सुरक्षा को लेकर 3 और 16 जून को हुई समीक्षा बैठकों में उपराज्यपाल ने विशेष बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे।

बसों में लगे पैनिक बटन को दिल्ली पुलिस की 112 पीसीआर आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से सीधे जोड़ा गया है। आपात स्थिति में बटन दबाने पर सूचना तेजी से 112 पीसीआर तक पहुंचेगी, जिससे तत्काल कार्रवाई संभव होगी।

राजधानी में कुल 56 समर्पित महिला ई-बस सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें 15 अधिक मांग वाले मार्गों पर 30 लेडीज स्पेशल ट्रिप और 13 मार्गों पर विश्वविद्यालय छात्राओं के लिए 26 यू-स्पेशल ट्रिप शामिल हैं। ये सेवाएं सुबह और शाम के व्यस्त समय में संचालित होंगी।

दिल्ली और करनाल के बीच पांच वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। दोनों दिशाओं में रोजाना 10-10 फेरे निर्धारित किए गए हैं। कश्मीरी गेट से करनाल तक किराया करीब 212 रुपये रखा गया है। बसें सिंघु बॉर्डर, राय, बहालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और मधुबन से होकर गुजरेंगी।

राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किया गया। इसमें 240 किलोवाट क्षमता वाले चार चार्जर हैं, जिनसे इलेक्ट्रिक बसों के अलावा भारी वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों और कारों को भी चार्ज किया जा सकेगा। इसके लिए 1,600 केवीए का कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन स्थापित किया गया है।

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि ‘गति शक्ति’ के तहत बेहतर कनेक्टिविटी, हरित अर्थव्यवस्था और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना जरूरी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार प्रदूषण कम करने और दिल्लीवासियों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार 2028-29 तक बसों की संख्या करीब 14,000 करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ठोस कदमों और बेहतर संचालन के चलते डीटीसी इस साल लाभ में आई है।

--आईएएनएस

डीएससी