नई ई-बस सेवा शुरू होने से नानकसर से गाजियाबाद का सफर होगा आसान
नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को इंद्रप्रस्थ बस डिपो से कई अहम परियोजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास किया। उन्होंने 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नानकसर (दिल्ली) से गाजियाबाद तक नई अंतरराज्यीय बस सेवा का लोकार्पण किया। साथ ही दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बहुमंजिला कार्यालय भवन का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने ईवी इंसेंटिव पोर्टल की शुरुआत करते हुए 12,877 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 24 करोड़ रुपए से अधिक की सब्सिडी भी वितरित की। इन सभी पहलों के जरिए सरकार दिल्ली में हरित, स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, जंगपुरा से विधायक तरविंदर सिंह मारवाह सहित अन्य गणमान्यजन और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहलें दिल्ली को स्वच्छ, किफायती, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ग्रीन ट्रांसपोर्ट न केवल प्रदूषण कम करेगा, बल्कि दिल्लीवासियों के जीवन को अधिक सहज और सुविधाजनक बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने पिछले एक वर्ष में डीटीसी द्वारा किए गए उल्लेखनीय सुधारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले डीटीसी भारी घाटे में चल रही थी, लेकिन अब सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण यह धीरे-धीरे वित्तीय संतुलन की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में डीटीसी की स्थिति काफी कमजोर हो गई थी, जहां संचालन में अनियमितताएं थीं और संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा था। उनकी सरकार ने इन व्यवस्थागत कमियों को दूर करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा बस डिपो के आधुनिकीकरण, आईएसबीटी के पुनर्विकास, डीटीसी कार्यालय के निर्माण, ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना और प्रदूषण जांच प्रणाली (पीयूसीसी) को सुदृढ़ करने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पिछली सरकारों की वित्तीय देनदारियों को भी वर्तमान सरकार द्वारा जिम्मेदारीपूर्वक पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी के संदर्भ में कहा कि पूर्व में घोषित योजनाओं के बावजूद लाभार्थियों को समय पर सब्सिडी प्राप्त नहीं हुई थी। वर्तमान सरकार ने इस स्थिति को सुधारते हुए पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से पहले चरण में 12,800 से अधिक लाभार्थियों के खातों में लगभग 24 करोड़ रुपए की राशि सीधे हस्तांतरित की है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता को उनके अधिकारों का लाभ समय पर और बिना किसी बाधा के प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा सार्वजनिक परिवहन तंत्र विकसित करना है, जो सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल हो। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए शुरू की गई नई बस सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इससे रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्रीय संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इंद्रप्रस्थ बस डिपो से 300 नई जीरो-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत, नानकसर-गाजियाबाद के बीच अंतरराज्यीय ई-बस सेवा का शुभारंभ और डीटीसी के नए कार्यालय भवन का शिलान्यास दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़े कदम हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार हर वादे को जमीन पर उतार रही है। इन 300 बसों के शामिल होने से दिल्ली का कुल बस बेड़ा 6,100 से ज्यादा हो गया है और मार्च तक 5,000 इलेक्ट्रिक बसों के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ा जा रहा है। ये बसें सीसीटीवी, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांगजन के अनुकूल सुविधाओं से लैस हैं।
नानकसर से गाजियाबाद तक करीब 21 किमी की नई ई-बस सेवा शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर के हजारों यात्रियों को किफायती और सुविधाजनक यात्रा मिलेगी। साथ ही 1800 वर्ग मीटर में बनने वाला डीटीसी का नया कार्यालय आधुनिक और ऊर्जा-कुशल होगा।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित ईवी सब्सिडी को डीबीटी के जरिए फिर से जारी करते हुए 12,877 लाभार्थियों को करीब 24 करोड़ रुपए से अधिक सीधे खातों में दिए जा रहे हैं। सरकार डीटीसी को मजबूत, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
--आईएएनएस
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