दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद को छह दिन में खाली करने का नोटिस, मीरवाइज उमर फारूक ने चिंता जताई
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (अक्टूबर)। दिल्ली की ऐतिहासिक 'रेस कोर्स मस्जिद' को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मस्जिद को छह दिनों के भीतर खाली करने का नोटिस दिया गया है जिसके बाद कश्मीर के अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक ने इस फैसले को लेकर गहरी चिंता जताई है।
मीरवाइज उमर फारूक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "यह बेहद चिंताजनक है कि दिल्ली की ऐतिहासिक 'रेस कोर्स मस्जिद', जो 1977 से एक अधिसूचित वक्फ संपत्ति है और एक सूचीबद्ध धरोहर स्थल भी है, उसे छह दिन के भीतर खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है। उतनी ही चिंता की बात यह भी है कि वक्फ अधिकारी इसका बचाव करने में विफल रहे हैं। क्या मुसलमानों के इबादत स्थलों के लिए यही अब नई परिपाटी बनती जा रही है?"
उन्होंने लिखा, "यही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से हमने वक्फ संशोधनों और मुस्लिम धार्मिक संपत्तियों पर सरकारी प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार का नियंत्रण बढ़ाने का कड़ा विरोध किया था। अगर कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त एक मस्जिद को भी नहीं बचाया जा सकता, तो फिर बाकी जगहों के लिए क्या सुरक्षा उपाय बचते हैं?"
दरअसल, रेसकोर्स मस्जिद 1977 से अधिसूचित वक्फ संपत्ति है और इसे धरोहर स्थल के रूप में भी सूचीबद्ध किया गया है। इसके बावजूद इसे खाली करने का आदेश दिया गया है। मीरवाइज ने वक्फ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि वे इसका बचाव करने में विफल रहे हैं।
मीरवाइज के इस बयान के बाद वक्फ संशोधन कानून को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। उन्होंने आशंका जताई है कि यह मुसलमानों के इबादत स्थलों के लिए 'नई परिपाटी' बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर एक कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त मस्जिद को भी नहीं बचाया जा सकता, तो बाकी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
--आईएएनएस
एससीएच/पीएम