दिलीप घोष ने नामांकन से पहले टीएमसी पर साधा निशाना, बोले- बंगाल में बदलाव जरूरी, कानून व्यवस्था सुधारेंगे
कोलकाता, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। खड़गपुर से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य मौजूदगी में नामांकन दाखिल करने पहुंचे। नामांकन के लिए जाने से पहले उन्होंने आईएएनएस से बातचीत की। दिलीप घोष ने कहा, "सिर्फ खड़गपुर में ही नहीं, बल्कि पूरे बंगाल में भाजपा सत्ता परिवर्तन के लिए प्रयास कर रही है। हर कोई महसूस कर रहा है कि सत्ता परिवर्तन कितना जरूरी है। पूरा देश, पूरी दुनिया देख रही है।"
भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा, "अगर कोई दल देश के संविधान, अदालतों और यहां तक कि राष्ट्रपति को भी चुनौती देता है, तो उसे एक मिनट भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है।"
उन्होंने कहा, "लोग देख रहे हैं कि ममता बनर्जी की सरकार और प्रशासन कितनी हद तक गिर चुके हैं। वे गृह मंत्री को चुनौती दे रहे हैं, प्रधानमंत्री को काला झंडा दिखा रहे हैं। टीएमसी कार्यकर्ता चुनाव आयुक्त को काला झंडा दिखा रहे हैं और वापस जाओ का नारा लगाते हैं। राष्ट्रपति की अवहेलना कर रहे हैं, उन्हें अपमानित कर रहे हैं, अब क्या बचा है? ममता बनर्जी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को भी नहीं सुनतीं और हम एक देश एक कानून में विश्वास करते हैं।"
घोष ने कहा, "2016 के चुनाव में मैंने माफिया के खिलाफ अकेले लड़ाई लड़ी। मेरे साथ कोई नहीं था, कोई समुदाय नहीं था, कोई संगठन नहीं था। मैंने उनके साथ मिलकर माफिया को हराया। इसलिए भाजपा और दिलीप घोष का संदेश पूरे बंगाल में फैल गया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले, हम कानून व्यवस्था को सुधारेंगे। बंगाल का एक भी व्यक्ति डर में नहीं जिएगा। हम बिहार और उत्तर प्रदेश को सुधार सकते हैं, तो बंगाल को भी सही रास्ते पर ले आएंगे।"
मालदा में एक बांग्लादेशी की गिरफ्तारी पर दिलीप घोष ने कहा, "जब सीबीआई या ईडी आती है तो ममता बनर्जी तुरंत सक्रिय हो जाती हैं। जिसे गिरफ्तार किया गया है, वह ममता बनर्जी के साथ है। हमें उसे आज ही क्यों गिरफ्तार करना पड़ा? क्योंकि उसका पर्दाफाश हो गया है। यह सिर्फ मालदा का मामला नहीं है। हम लंबे समय से इस बारे में बात कर रहे हैं। हर बूथ से 50 फीसदी नाम हटा दिए गए हैं। कोई भी फॉर्म भरने नहीं आया। सत्यापन से पता चला है कि 50 लाख लोग नहीं आए हैं। अभी उनके नाम हटाए जा रहे हैं। एक करोड़ से ज्यादा फर्जी मतदाता, जो विदेशी हैं, यहां आ चुके हैं। दीदी की वजह से राष्ट्रविरोधी गतिविधियां करने वाले सभी लोग बंगाल में शरण लेते हैं।"
दिलीप घोष ने कहा, "ममता बनर्जी घुसपैठियों को संरक्षण दे रही हैं। 2005 में उन्होंने ही संसद में आवाज उठाई थी कि बंगाल में घुसपैठियों का कब्जा हो गया है। बंगाल की हालत खराब है, इस पर चर्चा होनी चाहिए।
---आईएएनएस
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