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दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर के किए दर्शन, संत बोले-अब अस्तित्व पर सवाल नहीं उठाना

 

अयोध्या, 26 मार्च (आईएएनएस)। रामनवमी के मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को अयोध्या में स्थित राम मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने दर्शन के बाद खुद को सौभाग्यशाली बताया लेकिन संत-समाज में आक्रोश हैं। उन्हें पुराने दिन याद रहे हैं, जब दिग्विजय ने श्री राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे।

महंत सीताराम दास ने दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए कहा, "ये राजनीति जुमलेबाज लोग हैं। पहले ये राम के अस्तित्व पर सवाल करते हैं, रामसेतु को काल्पनिक कहते हैं और मंदिर की जगह शौचालय बनाने की बात करते हैं, लेकिन आज उन्हीं राम भगवान के दर पर माथा टेकने के लिए आए हैं। मेरा तो यही कहना है कि भगवान राम इनको सद्बुद्धि दें और इनका मार्गदर्शन करने में मदद करें। हमारा यही कहना है कि ऐसे लोग दर्शन जरूर करें, लेकिन देश में जातिगत भेदभाव न फैलाएं।

महंत सीताराम दास ने कहा कि कांग्रेस के नेता अपने लाभ के लिए माथे पर टीका भी लगा सकते हैं और टोपी भी पहन सकते हैं। इनकी हमेशा कोशिश रही है कि सनातन को धूमिल किया जाए, लेकिन हमारे प्रभु श्री राम ने उन्हें अपने चरणों में झुकने के लिए मजबूर कर दिया है।"

आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए आईएएनएस से कहा, ''बहुत अच्छा, स्वागत है। ये वही लोग हैं जो कभी राम को काल्पनिक कहते थे, जो हमेशा राम मंदिर का विरोध करते रहे और राम मंदिर के विरोध में, बाबरी मस्जिद के समर्थन में वे वकीलों को नियुक्त कर रहे थे, लेकिन आज साबित हो गया है भगवान राम जन-जन मे व्याप्त हैं। इन्हें पता चल गया कि बिना राम के कुछ भी नहीं है। अब प्रभु श्रीराम के दर्शन के बाद उनकी बुद्धि को थोड़ा बल मिले।''

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अयोध्या और राम मंदिर यात्रा पर महाराज महामंडलेश्वर विष्णु दास कहते हैं, "कांग्रेस के लोग राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे। अब दिग्विजय सिंह को बुद्धि कैसे आ गई। दिग्विजय स्वयं भी राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और आज मंदिर में दर्शन करके दिखावा कर रहे हैं। अब उम्मीद है कि श्री राम के दर्शन के बाद दिग्विजय सिंह की समझ से पर्दा हटेगा। मेरा यही कहना है कि दर्शन के बाद भगवान राम के अस्तित्व और सनातन धर्म पर सवाल मत उठाना।"

--आईएएनएस

पीएस/वीसी