दिग्विजय को चुनाव नजदीक आते ही 'सनातन स्वाभिमान' याद आया: राकेश सिंह
भोपाल, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सनातन स्वाभिमान यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव नजदीक हैं और पूर्व मुख्यमंत्री को अचानक 'सनातन स्वाभिमान' याद आया है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह महाकाल से अयोध्या तक की सनातन स्वाभिमान यात्रा धर्म पर निकलने वाले हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह की यात्रा को लेकर मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि दिग्विजय कह रहे हैं कि वे 'सनातन धर्म की रक्षा' के लिए यात्रा करने जा रहे हैं। हम पूछना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में जब अयोध्या का मुद्दा सबसे संवेदनशील था, तब क्या दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए कोई कदम उठाया था? अब चुनाव नजदीक हैं, और अचानक 'सनातन स्वाभिमान' याद आ गया? आपकी यह पदयात्रा किसी धर्म की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि सत्ता पाने के लिए है।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जनता बहुत बुद्धिमान है। वो ये देखती है कि किसने क्या किया। मोदी सरकार में राम मंदिर बन गया, रामलला विराजमान हैं, यह सबसे बड़ा सत्य है।
वहीं, दिग्विजय सिंह ने अपनी यात्रा को लेकर कहा कि सनातन स्वाभिमान यात्रा-धर्म के नाम पर अधर्म के विरुद्ध जनजागरण है। उन्होंने बताया कि मैं आगामी 20 अक्टूबर को महाकाल से यह प्रार्थना करके अयोध्या के लिए प्रस्थान करूंगा कि वे मुझे वह शक्ति दें जिससे देश में धर्म के नाम पर मची लूट और आस्था के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकें। मैं ओरछा में रामराजा और अयोध्या में रामलला से प्रार्थना करूंगा कि वे लोगों की आस्था की रक्षा करें और इस महाचोरी में शामिल लोगों को दण्डित करें, जिससे दान देने वाले श्रद्धालुओं के आहत हृदय पर मरहम लग सके।
उन्होंने आगे कहा कि मेरी यह यात्रा पूरी तरह गैर राजनीतिक यात्रा है। इसमें हर वर्ग, पंथ और विचारधारा के लोग सादर आमंत्रित हैं, जो आस्था और धार्मिक मूल्यों की रक्षा करना चाहते हैं तथा इस यात्रा के ध्येय वाक्य ‘‘यतो धर्मस्ततो जयः’’ में विश्वास करते हैं। बताया गया है कि दिग्विजय सिंह की सनातन स्वाभिमान यात्रा की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। यह यात्रा अराजनैतिक जरूर बताई जा रही है, मगर इसमें बड़ी संख्या में राजनैतिक लोग भी शामिल होंगे।
--आईएएनएस
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