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'डिजिटल संसद' की ओर नेपाल के बढ़ते कदम, आरएसपी सांसद ने साझा किया 'भागीदारी का लेखा-जोखा'

 

काठमांडू, 27 सितंबर (आईएएनएस)। नेपाल में सांसदों (एमपी) की गतिविधियों से लेकर संसद के ऐतिहासिक दस्तावेजों तक, सब कुछ एक डिजिटल सिस्टम में लाने की तैयारी चल रही है। इसमें सांसदों का प्रोफाइल, राजनीतिक पार्टी से जुड़ाव, चुनाव क्षेत्र और दूसरी जरूरी जानकारी भी शामिल की जा रही है।

आरएसपी (राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी) सांसद शोभा खनल फेसबुक पर डिजिटल संसद का उत्साह साझा किया। एक स्क्रीनशॉट शेयर साझा किया, इसमें प्रतिनिधि सभा की बैठकों में 97 फीसदी हाजिरी के साथ उनकी सक्रिय भागीदारी दिखाई गई थी। खनल ने लिखा, "अब डिजिटल टेक्नोलॉजी के जरिए सांसदों के काम को देखना मुमकिन है। जिन पर आप (जनता) नजर रखते आए हैं! अब आप बिल और कानूनी दस्तावेज, संसदीय बैठक की जानकारी, एजेंडा, संसदीय गतिविधियां और रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकते हैं।"

सोशल मीडिया यूजर ने भी एक स्क्रीन शॉट साझा किया जिसमें हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की बैठकों में सबसे कम हाजिरी वाले नौ सांसदों की सूची थी। इसमें बताया गया कि फेडरल पार्लियामेंट अपनी नई वेबसाइट के साथ ज्यादा टेक-फ्रेंडली बन रही है। संसदीय बैठकों में सबसे कम हाजिरी वाले टॉप नौ सांसदों का रिकॉर्ड अब सबके पास है: पुष्प कमल दहल 17%, रबी लामिछाने 50%, और हरका संपंग 55% के साथ संसद में उपस्थित रहे।

संघीय संसद की यह वेबसाइट अभी टेस्टिंग के दौर में है। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां आम जनता, कानून बनाने वालों की प्रोफाइल से लेकर संसदीय गतिविधियों तक सब कुछ देख सकती है। फेडरल पार्लियामेंट, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और नेशनल असेंबली के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए 'डिजिटल पार्लियामेंट' पहल पर काम कर रही है। इसके निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि लॉन्च होने के बाद से, इस वेबसाइट पर 1,00,000 से ज्यादा विजिटर आए हैं और सुधार के लिए हजारों सुझाव भी मिले हैं।

स्पीकर डीपी अर्याल, नेशनल असेंबली के चेयरमैन नारायण प्रसाद दहल, कानून, न्याय और संसदीय मामलों की मंत्री सोबिता गौतम के साथ-साथ संसदीय अधिकारियों, सांसदों और संसद सचिवालय के कर्मचारियों की मौजूदगी में ‘डिजिटल पार्लियामेंट’ का ट्रायल शुरू किया गया था।

स्पीकर अर्याल ने लॉन्चिंग इवेंट के दौरान कहा, "इससे सदियों बाद भी नेपाल के संसदीय इतिहास तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा और उसका अध्ययन किया जा सकेगा।"

--आईएएनएस

केआर/