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डिजिटल इंडिया पुलिसिंग के लिए सकारात्मक पहल, एआई से आसान हो रहा काम: एसएसपी प्रमोद कुमार यादव

 

भागलपुर, 1 जुलाई (आईएएनएस)। भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान के 11 वर्ष पूरे होने के साथ पुलिसिंग और अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में तकनीक का व्यापक लाभ देखने को मिला है। डिजिटल व्यवस्था से न केवल पुलिस के कार्यालयों का काम अधिक प्रभावी हुआ है, बल्कि अपराध की जांच, अपराधियों की पहचान और आम लोगों की शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज और सुविधाजनक हुई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल से पुलिस का काम और आसान हो रहा है।

डिजिटल इंडिया के 11 वर्ष पूरे होने पर पुलिसिंग में हुए बदलावों पर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि जिस प्रकार टेक्नोलॉजी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है, भारत सरकार का महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया अभियान आगे बढ़ रहा है, उसका लाभ आम जनता के साथ-साथ सरकार के विभिन्न विभागों को भी लगातार मिल रहा है। पुलिस विभाग में भी ऑनलाइन व्यवस्थाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। एचआरएमएस सहित विभाग के कई काम अब ऑनलाइन किए जा रहे हैं। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से एसपी कार्यालय के साथ-साथ एसडीपीओ और एसएचओ स्तर तक भी कई प्रकार के आवेदन और कार्यालयी कार्य ऑनलाइन किए जाने लगे हैं। इसके अलावा, सीसीटीएनएस और अन्य कई ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से भी लगातार कार्य किया जा रहा है।

एसएसपी ने कहा कि डिजिटल इंडिया का मूल उद्देश्य लोगों को सरकारी कामों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। ई-ऑफिस जैसी व्यवस्था से पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिला है, जिससे कागज की बचत होने के साथ पर्यावरण को भी लाभ पहुंच रहा है। डिजिटल व्यवस्था केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों के ऑनलाइन आवेदनों के निस्तारण में भी इसका बड़ा योगदान है। बिहार सरकार के सहयोग पोर्टल जैसी महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से लोगों की जनसुनवाई की जा रही है और उनकी समस्याओं का समाधान ऑनलाइन किया जा रहा है। यह भी डिजिटल इंडिया अभियान का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आने वाले समय में जहां-जहां डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाएं होंगी, वहां इसे और आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि विभाग के कर्मचारियों को भी कंप्यूटर और ई-ऑफिस के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एसपी कार्यालय में कार्यरत लगभग 30 से 40 प्रतिशत कर्मियों को अब कंप्यूटर और ई-ऑफिस पर काम करने का ज्ञान हो चुका है और भविष्य में इस संख्या को और बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। अपराध अनुसंधान में तकनीक की भूमिका पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एआई आधारित नई-नई तकनीकें सामने आ रही हैं। एआई जनरेटेड कैमरों जैसी तकनीकों पर भी काम हो रहा है और सरकार की ओर से इस दिशा में आगे भी कई नई पहल की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि भागलपुर शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बड़ी संख्या में कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से अपराध पर नियंत्रण रखने में मदद मिल रही है। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया के अंतर्गत कई ऐसे पोर्टल और एजेंसियां हैं, जिनसे पुलिस को अपराधियों की पहचान और जांच में काफी सहायता मिलती है।

एसएसपी ने कहा कि कई ऐसे डिजिटल ऐप उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से यदि कोई अपराधी देश के किसी भी हिस्से में पकड़ा गया हो और उसका अपराध संबंधी रिकॉर्ड तथा फोटो उपलब्ध हो, तो उसे स्कैन कर उसकी पहचान की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर दूसरे राज्यों से उसके संबंध में ऑनलाइन सत्यापन भी कराया जा सकता है। इस प्रकार अपराधियों का डेटा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। डिजिटल इंडिया पुलिसिंग के लिए एक अत्यंत सकारात्मक पहल साबित हुई है। जिस प्रकार तकनीक आम जनता के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों के लिए भी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है, उसी प्रकार भविष्य में भी इसका दायरा और बढ़ेगा। तकनीक का उद्देश्य लोगों के जीवन को आसान बनाना, सरकारी कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न सेवाओं को सरल एवं सुगम बनाना है। डिजिटल इंडिया इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

--आईएएनएस

पीएसके