डीडवाना निकाय चुनाव: बड़े दलों के दिग्गजों की जमानत जब्त, किसी को 2 तो किसी को 6 वोट
डीडवाना, 14 सितंबर (आईएएनएस)। डीडवाना नगर परिषद चुनाव में जहां निर्दलीय प्रत्याशियों ने बड़े दलों के समीकरण बिगाड़कर 14 वार्डों में जीत दर्ज की, वहीं अब सामने आए परिणामों ने भाजपा, कांग्रेस और आरएलपी जैसे दलों की चुनावी रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर परिषद के 40 वार्डों में हुए चुनाव में बड़े दलों के कई प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है। किसी को महज 2 वोट मिले तो कोई 6 और 7 वोट तक ही सिमट गया।
खास बात यह है कि जमानत जब्त होने वालों में भाजपा, कांग्रेस, आरएलपी और बसपा के प्रत्याशी शामिल हैं। भाजपा ने डीडवाना नगर परिषद के 40 वार्डों में से 34 वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे थे। इनमें वार्ड नंबर 19 से भाजपा की कमला देवी को महज 2 वोट मिले, जबकि वार्ड नंबर 32 से शोभित चौहान को 6 वोट और वार्ड नंबर 26 से सुरेंद्र कुमार को 13 वोट मिले। वार्ड नंबर 30 से ममता देवी को 24 वोट, वार्ड नंबर 4 से जावेद अख्तर को 25 वोट और वार्ड नंबर 1 से मंजू देवी को 26 वोट मिले। वार्ड नंबर 11 से अजरुद्दीन को 38 वोट तथा वार्ड नंबर 36 से सुनील भाटी को 63 वोट मिले। वार्ड नंबर 22 से सरिता ने 83 वोट और वार्ड नंबर 3 से पिंकी देवी ने 103 वोट हासिल किए।
कांग्रेस ने 37 वार्डों में अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। इनमें वार्ड नंबर 13 से तरुण कंदोई को महज 21 वोट, वार्ड नंबर 14 से अब्बास अली को 34 वोट और वार्ड नंबर 6 से भोमसिंह चौधरी को 67 वोट मिले। वार्ड नंबर 8 से उम्मेद सिंह को 52 वोट, वार्ड नंबर 25 से श्वेता उपाध्याय को 63 वोट तथा वार्ड नंबर 10 से नियाज मोहम्मद को 104 वोट मिले। कांग्रेस के कई प्रत्याशियों का प्रदर्शन भी पार्टी के लिए चिंता का विषय बन गया है।
आरएलपी ने 7 वार्डों में प्रत्याशी उतारे थे। वार्ड नंबर 39 से जगदीश को 7 वोट और वार्ड नंबर 40 से कंचन नायक को 22 वोट मिले। वार्ड नंबर 4 से फरमान खान ने 33 वोट हासिल किए, जबकि वार्ड नंबर 5 से नासिर खान को 49 वोट मिले। वार्ड नंबर 19 से सैयद आरिफ अली को 26 वोट मिले। आरएलपी के प्रत्याशियों के ये आंकड़े भी पार्टी के लिए मंथन का विषय हैं।
बसपा ने सिर्फ एक वार्ड में अपना प्रत्याशी उतारा था। वार्ड नंबर 25 से सुगना देवी को महज 5 वोट मिले। यह परिणाम बसपा के लिए भी बेहद निराशाजनक रहा।
डीडवाना नगर परिषद चुनाव के इन परिणामों ने साफ कर दिया है कि चुनावी मैदान में पार्टी का नाम और सिंबल ही जीत की गारंटी नहीं है। कई वार्डों में मतदाताओं ने बड़े दलों के प्रत्याशियों को नकारकर निर्दलीयों पर भरोसा जताया है। अब इन नतीजों के बाद राजनीतिक दलों में हार की समीक्षा और संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू होना तय माना जा रहा है। जिले के परबतसर में भी ऐसे ही नतीजे देखने को मिले हैं जहां वॉर्ड नंबर 13 से भाजपा उम्मीदवार कैलाशचंद को मात्र 1 वोट मिला है जबकि वॉर्ड नंबर 20 से आरएलपी के उम्मीदवार भंवरलाल को भी मात्र 1 वोट मिला है।
--आईएएनएस
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