×

धर्मेंद्र प्रधान की संसद में भावुक वापसी, NDA सांसदों ने किया सम्मान; वीडियो में जाने NEET विवाद पर विपक्ष का हंगामा, 12 बजे तक स्थगित हुई कार्यवाही

 

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। संसद परिसर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें शॉल ओढ़ाकर और पारंपरिक मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया गया। सांसदों ने उनके साथ संसद भवन के अंदर तक जाकर एकजुटता का संदेश दिया। वहीं, दूसरी ओर NEET पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/9cP9YxqHD2k?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/9cP9YxqHD2k/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को NEET पेपर लीक विवाद और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उनके संसद पहुंचने को लेकर पहले से ही राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज थीं। सोमवार को उनकी मौजूदगी के दौरान NDA सांसदों ने उनका सम्मान कर यह संदेश देने की कोशिश की कि गठबंधन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

उधर, संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले सुबह करीब 10:30 बजे विपक्षी दलों ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष की मांग थी कि सरकार NEET पेपर लीक मामले, छात्रों के आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में कथित खामियों पर सदन में जवाब दे।लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इन मुद्दों को उठाया और जोरदार हंगामा किया। शोर-शराबे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी, जिसके बाद पीठासीन अधिकारियों ने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया।

इस बीच केंद्र सरकार आज लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश करने जा रही है। इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, तकनीकी धोखाधड़ी और अन्य अनुचित गतिविधियों पर और अधिक सख्ती करना है। सरकार का कहना है कि नए संशोधन से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जाएगा।केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में यह विधेयक पेश करेंगे। सरकार की ओर से इस बिल पर चर्चा के दौरान NDA के 9 सांसद अपने विचार रखेंगे और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सरकार के प्रयासों का पक्ष सदन में प्रस्तुत करेंगे।

वहीं, विपक्ष का कहना है कि केवल नया कानून लाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। विपक्ष सरकार से NEET पेपर लीक मामले की जवाबदेही तय करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहा है।संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दे अब प्रमुख राजनीतिक विषय बन गए हैं। ऐसे में सरकार द्वारा लाए जा रहे नए विधेयक और उस पर होने वाली बहस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।