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धर्म परिवर्तन नहीं हो सकता, सूरज की तरह अटल है सनातन : जगद्गुरु महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी जी

 

जालंधर, 30 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के जालंधर में जगद्गुरु महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी जी ने प्रदेश में बढ़ते नशे और धर्मांतरण के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने बुधवार को आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "धर्म परिवर्तन होता ही नहीं है, हो ही नहीं सकता। जैसे सूरज बदल नहीं सकता, वैसे ही धर्म भी बदल नहीं सकता। धर्म का अर्थ है सनातन, जो आदि काल से चला आ रहा है।"

उन्होंने कहा, "जो आज चल रहा है, वह संप्रदाय है, धर्म नहीं। धर्म कैसे बदल जाएगा? जैसे धरती का परिवर्तन कैसे होगा? गीता में लिखा है कि पांच तत्वों - पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु, आकाश और छठा तत्व आत्मा ही धर्म है। यही हमारा धर्म है जो आदि काल से चला आ रहा है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि मैं ही धर्म हूं, मैं ही अध्यात्म हूं। दुर्गा मां कहती हैं कि मैं ही धर्म हूं। जिसने पृथ्वी, चंद्रमा और तारे बनाए हैं, वही धर्म है। जिसने सूरज-चांद को पैदा किया है, उसे हटाने की शक्ति भी उसी में है। ऐसा एक ही धर्म है और वह सनातन है।"

हिंदू से ईसाई बनाने की चल रही गतिविधियों पर उन्होंने कहा कि इसमें यदि कोई व्यक्ति चला भी जाता है तो उसके जीवन में दुख आएगा, बीमारी आएगी, संकट आएगा। वह ठीक नहीं हो पाएंगे। जो लोग धर्मांतरित हुए हैं, वे लोगों से दूर ही नहीं जा पाएंगे, उन्हें मुक्ति नहीं मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जो आत्मा-परमात्मा को ही नहीं मानते, वे भक्ति क्या जानेंगे। आत्मा को जानने का नाम ही भक्ति है। धर्म परिवर्तन के नाम पर जो हो रहा है, वह गलत है और गलत से हमेशा गलत ही पैदा होता है। उन्होंने कहा कि जैसे गंदगी साफ होने के बाद ही सफाई कहलाती है, वैसे ही जब तक मन के विचार साफ नहीं होंगे, तब तक भक्ति पूरी नहीं होगी।

जगद्गुरु जी ने कहा कि लोगों को रोककर ज्ञान देना चाहिए, समझाना चाहिए कि यह धर्म ही नहीं है। धर्म का असली अर्थ यह है कि व्यक्ति सुखी हो जाए, शांत हो जाए, आनंदित हो जाए। धर्म में कोई नशा नहीं होता, यह पूरी तरह से प्राकृतिक होता है और व्यक्ति को समृद्ध बनाता है। पैसे देकर धर्म परिवर्तन करवाना व्यापार है, धर्म नहीं।

पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर बोलते हुए कुमार स्वामी जी ने कहा कि ड्रग्स से कोई फायदा नहीं होता। इससे किडनी खराब होती है, लिवर खराब होता है, शरीर का सब कुछ बिगड़ जाता है। ड्रग्स से थोड़ी देर के लिए सिर्फ एक झटका आता है, इसके अलावा कुछ नहीं। नशे से बचा जा सकता है और बहुत से लोग इससे बच भी चुके हैं। हमारे धर्म ग्रंथों में लिखा है कि धर्म में ड्रग्स से भी बड़ा नशा है, एक ऐसा आनंद है जिसके सामने किसी बाहरी नशे की जरूरत ही नहीं पड़ती। इसलिए धर्म का प्रचार-प्रसार ज्यादा होना चाहिए और लोगों को धर्म का ज्ञान देना चाहिए।

जगद्गुरु जी ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण के नाम पर सिर्फ लोगों को बहकाकर ले जाया जा रहा है। इसका मकसद देश को खत्म करना है। इससे हमारे अच्छे संस्कार, हमारे अच्छे बच्चे सब खत्म हो जाएंगे और हमारे देश को बहुत नुकसान होगा।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम