Dhanteras 2026: सोना खरीदने से पहले जरूर करें ये 5 जांच, कहीं चमक के चक्कर में नकली गोल्ड तो नहीं खरीद रहे आप!
धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग सोने के सिक्के, गहने और अन्य कीमती चीजें खरीदते हैं। त्योहार के दौरान बाजारों में भी सोने की खरीदारी बढ़ जाती है। लेकिन सोना खरीदते समय सिर्फ उसकी चमक और डिजाइन देखकर फैसला करना समझदारी नहीं है। उसकी शुद्धता की जांच करना भी बेहद जरूरी है।कई बार ग्राहक खूबसूरत गहने देखकर उन्हें असली सोना समझ लेते हैं, जबकि उनकी शुद्धता उम्मीद के मुताबिक नहीं होती। अच्छी बात यह है कि ज्वेलरी शॉप पर ही कुछ जरूरी चीजें देखकर सोने की शुद्धता से जुड़ी जानकारी हासिल की जा सकती है। आइए जानते हैं सोना खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. हॉलमार्क और HUID नंबर जरूर चेक करें
सोने की शुद्धता पहचानने का सबसे भरोसेमंद तरीका BIS हॉलमार्किंग की जांच करना है। सोने के गहने खरीदते समय उस पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का लोगो, कैरेट के अनुसार शुद्धता का निशान और 6 अंकों का हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर जरूर देखें।HUID नंबर हर हॉलमार्क वाले गहने की अलग पहचान होता है। आप इसे BIS Care ऐप के जरिए जांच सकते हैं। ऐप में HUID नंबर डालने पर गहने की हॉलमार्किंग से जुड़ी जानकारी मिल सकती है। खरीदारी से पहले यह भी सुनिश्चित करें कि गहने पर मौजूद जानकारी बिल से मेल खाती हो।
2. कैरेट और शुद्धता का निशान समझें
सोना अलग-अलग कैरेट में उपलब्ध होता है। 24 कैरेट सोने को लगभग शुद्ध सोना माना जाता है, जबकि गहने आमतौर पर 22, 18 और 14 कैरेट में बनाए जाते हैं।
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24 कैरेट: लगभग 99.9% शुद्ध सोना।
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22 कैरेट: लगभग 91.6% सोना।
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18 कैरेट: लगभग 75% सोना।
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14 कैरेट: लगभग 58.5% सोना।
गहने पर 22K916, 18K750 और 14K585 जैसे निशान मिल सकते हैं। ये सोने में मौजूद शुद्धता का संकेत देते हैं। इसलिए गहना खरीदने से पहले कैरेट और हॉलमार्क का निशान जरूर जांचें।
3. मैग्नेट टेस्ट से मिल सकता है शुरुआती संकेत
सोना सामान्य रूप से चुंबक की तरफ आकर्षित नहीं होता। ऐसे में अगर किसी गहने का कोई हिस्सा मजबूत चुंबक की ओर खिंचता है, तो उसमें चुंबकीय धातु होने की आशंका हो सकती है।हालांकि, केवल मैग्नेट टेस्ट के आधार पर सोने को असली या नकली घोषित नहीं किया जा सकता। गहनों में लगे कुछ दूसरे हिस्सों या लॉक में अलग धातुओं का इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए इस टेस्ट को सिर्फ शुरुआती संकेत समझें, शुद्धता का प्रमाण नहीं।
4. पानी में डालकर सोने की शुद्धता तय न करें
कई लोग सोने की जांच के लिए उसे पानी से भरे बर्तन में डालने की सलाह देते हैं। आमतौर पर सोना अपनी अधिक घनत्व के कारण पानी में डूब जाता है। लेकिन सिर्फ पानी में डूबने से यह साबित नहीं होता कि गहना असली है।दूसरी धातुओं से बने कई गहने भी पानी में डूब सकते हैं। वहीं गहने की बनावट, उसमें मौजूद पत्थर और अन्य सामग्री भी इस जांच को प्रभावित कर सकती है। इसलिए पानी वाला टेस्ट भरोसेमंद शुद्धता जांच नहीं है।
5. घर पर एसिड टेस्ट करने से बचें
कुछ लोग सोने की शुद्धता जांचने के लिए नाइट्रिक एसिड का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बिना विशेषज्ञ की जानकारी के ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। एसिड त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा गलत तरीके से टेस्ट करने पर गहने की सतह खराब होने का खतरा भी रहता है।अगर सोने की शुद्धता को लेकर संदेह है, तो किसी अधिकृत ज्वेलर या मान्यता प्राप्त जांच केंद्र से इसकी जांच करवाएं।
सोना खरीदते समय बिल लेना न भूलें
धनतेरस पर सोने की खरीदारी करते समय केवल हॉलमार्क देखकर ही संतुष्ट न हों। दुकानदार से पक्का बिल जरूर लें। बिल में सोने का वजन, कैरेट, प्रति ग्राम कीमत, मेकिंग चार्ज, लागू टैक्स और गहने की अन्य जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए।अगर आप सोने का सिक्का खरीद रहे हैं, तो उसकी शुद्धता और हॉलमार्किंग की जानकारी भी जांचें। किसी भी तरह की जल्दबाजी में खरीदारी न करें और अलग-अलग दुकानों पर कीमत की तुलना जरूर करें।