धनबाद पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 700 लोगों की एक साथ कराई परेड, अपराध छोड़ने की दिलाई शपथ
धनबाद, 2 जुलाई (आईएएनएस)। अपराध पर अंकुश लगाने के साथ-साथ आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने की दिशा में धनबाद पुलिस ने गुरुवार को एक अनूठी पहल की। पहली बार जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के करीब 700 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को एक साथ पुलिस लाइन बुलाकर उनकी परेड कराई गई और उन्हें कानून का पालन करने तथा अपराध से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
पुलिस का दावा है कि झारखंड में इस तरह की जिला स्तरीय परेड पहली बार आयोजित की गई है। कार्यक्रम में सभी लोगों की पहचान का सत्यापन किया गया, फोटोग्राफी कराई गई और उनके रिकॉर्ड का मिलान किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने उन्हें संबोधित किया। एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं, बल्कि सुधार का अवसर देना है।
उन्होंने कहा, आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को समाज की मुख्यधारा में लौटने का मौका दिया जा रहा है। यदि आप अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीते हैं तो पुलिस पूरा सहयोग करेगी, लेकिन दोबारा अपराध किया तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि जिले में ऐसे तीन हजार से अधिक लोगों का रिकॉर्ड पुलिस के पास है। फिलहाल 700 लोगों को बुलाया गया है, जबकि बाकी को भी चरणबद्ध तरीके से बुलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो लोग लंबे समय से किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं हैं, वे संबंधित थाना प्रभारी को आवेदन देकर अपने आचरण का सत्यापन करा सकते हैं। जांच के बाद नियमानुसार उनका नाम सूची से हटाने पर विचार किया जाएगा। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस सभी चिन्हित लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा अपराध में शामिल होने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आपराधिक रिकॉर्ड का असर चरित्र प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट और सरकारी नौकरी जैसी प्रक्रियाओं पर भी पड़ सकता है। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की भी अपील की। धनबाद पुलिस ने इस अभियान को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सुधारात्मक पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।
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