मथुरा : देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन बोर्ड बनाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया
मथुरा, 1 अगस्त (आईएएनएस)। धार्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने सनातन बोर्ड बनाने की मांग फिर से उठाई है। इसके लिए वृंदावन में जनसमर्थन जुटाने के मकसद से एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के भगवा कपड़े पहनकर संसद में प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की।
सनातन बोर्ड के गठन पर आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "मेरा मानना है कि लोग अब जागरूक हो रहे हैं और सनातन बोर्ड बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि सरकारों को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। हस्ताक्षर अभियान चलाए जा रहे हैं, मैं खुद भी एक अभियान चला रहा हूं, और दूसरे लोग भी अपने-अपने तरीके से ऐसे अभियान आयोजित कर रहे हैं।"
राम मंदिर दान में चोरी के मामले को लेकर संसद में विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के भगवा कपड़े पहनने पर आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, "मुझे एक वीडियो दिखाया गया जिसमें विपक्ष ने कथित दान चोरी को लेकर एक तरह का ड्रामा किया। ऐसे आरोपों से मुझे भी दुख होता है, शायद उनसे भी ज्यादा। आप गंगाजल उन्हें दें या मुझे; मैं यह नहीं कह रहा कि उन्हें दुख नहीं होता, लेकिन मुझे जरूर होता है। हालांकि, जब आप भगवा कपड़े पहनते हैं, तो आपको समझदारी और संयम बरतना चाहिए। मैं विपक्ष से भी अपील करता हूं कि आप भी सनातन को मानने वाले हैं, कृपया समझदारी से काम लें। अगर आप कोई मुद्दा उठाना चाहते हैं, तो उसे इस तरह उठाएं, जिससे सनातन या उसे मानने वालों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।"
पुलिसकर्मियों द्वारा कांवड़ यात्रियों के पैर दबाने के सवाल पर आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, "काम करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों को टैक्स देने वालों का पैसा वेतन के तौर पर मिलता है, और पैदल चलने वाले कई तीर्थयात्री भी टैक्स देने वाले ही होते हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि वे किसी के पैर दबा रहे होंगे, ये बस लोगों के दावे हैं। मैंने ऐसा कोई वीडियो नहीं देखा है। अगर अधिकारी बेहतर सड़कें, पीने का पानी या दूसरी सुविधाएं देते हैं, तो यह सही है। वे भी सनातन परंपराओं का पालन करते हैं, और उस लिहाज से भक्तों की सेवा करना हमारा फर्ज है। मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता।"
--आईएएनएस
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