देश निर्णायक मोड़ पर खड़ा है: लेबनान के राष्ट्रपति औन
बेरूत, 13 जून (आईएएनएस)। इजरायल के दक्षिणी लेबनान पर हमलों के बीच लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा है कि देश एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां उसे तय करना होगा कि वह कानून के हिसाब से चलने वाला मजबूत देश बनेगा या फिर हथियारबंद गुटों के प्रभाव में रहेगा।
1978 में पूर्व मंत्री टोनी सुलेमान फ्रांजियेह, परिवार और उनके साथियों की हत्या की 48वीं बरसी पर औन ने देश के नाम एक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए राष्ट्रीय एकता सबसे जरूरी है।
एक्स पर राष्ट्रपति कार्यालय अकाउंट से उनका ये बयान जारी किया। जिसमें कहा, "यह ऐसा समय है जब धार्मिक और राजनीतिक मतभेदों या बाहरी खींचतान के लिए कोई जगह नहीं है।"
उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना की स्मृति हमें यह सीख देती है कि वर्षों की शांति वह सब नहीं सिखा सकी, जो खून-खराबे की घटनाओं से सीखा जाना चाहिए था। उनके अनुसार, “एक ईमानदार राष्ट्रीय स्मृति अपने घावों का चयन नहीं करती, बल्कि सभी घावों को स्वीकार कर उनके आधार पर भविष्य के लिए एक समझौता बनाती है।”
राष्ट्रपति ने कहा, "लेबनान आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां या तो देश के सभी लोग एक ऐसे संप्रभु राज्य के पक्ष में एकजुट हों जो हथियारों पर एकाधिकार रखे और कानून का शासन स्थापित करे, या फिर देश मिलिशिया और विभाजनकारी राजनीति के प्रभाव में बना रहे।"
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय न तो सांप्रदायिक राजनीति को सहन कर सकता है और न ही क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा को। राष्ट्रीय एकता अब केवल एक नारा नहीं बल्कि एक “अस्तित्वगत आवश्यकता” है, जो न्याय, समानता और सभी नागरिकों के अधिकारों पर आधारित होनी चाहिए।
राष्ट्रपति ने फ्रांजियेह हत्याकांड और गृहयुद्ध के सभी पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे एक ऐसे लेबनान के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां नागरिक समानता और स्वतंत्रता के साथ रहें और जहां राज्य कानून और अधिकार के आधार पर कार्य करे। अपनी बातों को विराम देते हुए उन्होंने कहा, “ईश्वर शहीदों पर दया करे और लेबनान को स्वयं से ही बचाए।”
--आईएएनएस
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