देश में बढ़ती मंहगाई के लिए विपक्ष ने सरकार को बताया जिम्मेदार, कहा-महंगाई की आग में झोंकी जा रही जनता
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। संसद के मौजूदा सत्र के बीच समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों ने जाति आधारित जनगणना, बढ़ती महंगाई और सरकार की नीतियों को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं।
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने जाति जनगणना की मांग को दोहराते हुए कहा कि सामान्य जनगणना के साथ-साथ जाति आधारित गणना भी कराई जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जब एसआईआर का सर्वे किया गया था, तब उसमें एक अतिरिक्त कॉलम जोड़कर यह कार्य आसानी से पूरा किया जा सकता था। इससे सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।
भदौरिया ने केंद्र सरकार की विदेश और सुरक्षा नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के पास युद्ध जैसे हालातों के परिणामों से निपटने के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। संसद और सर्वदलीय बैठक में केवल औपचारिक और दोहराए गए बयान ही सामने आए, जो गंभीर चिंताओं का समाधान नहीं करते।
महंगाई के मुद्दे पर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद भदौरिया ने कहा कि सरकार वैश्विक चुनौतियों से निपटने में विफल रही है और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार कीमतें बढ़ने से देश महंगाई की आग में झोंका जा रहा है और सरकार के पास इससे निपटने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने अर्थव्यवस्था और विदेश नीति को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि देश की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है और इसका असर महंगाई के रूप में सामने आ रहा है।
इसके साथ ही कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने भी भविष्य में पेट्रोल और एलपीजी की कीमतों में संभावित वृद्धि को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार फिलहाल चुनावों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है, लेकिन चुनाव के बाद आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ सकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार अपनी आर्थिक रणनीति स्पष्ट करे।
--आईएएनएस
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