देश भर में शुरू हुई लोकतंत्र बचाने की लड़ाई: कांग्रेस नेता नाना पटोले
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने का आंदोलन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से आंदोलन को रोकने की कोशिशों के बावजूद इसका प्रभाव आगे और बढ़ सकता है।
राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के दौरान कथित धक्का-मुक्की और रास्ते में बैरिकेडिंग का जिक्र करते हुए पटोले ने कहा कि सरकार चाहती है कि लोकतंत्र बचाने के लिए चल रहा आंदोलन समाप्त हो जाए। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के माध्यम से आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। पटोले ने इस आंदोलन की तुलना आजादी की लड़ाई से करते हुए कहा कि जिस तरह देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया गया था, उसी तरह अब लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ाई शुरू हुई है। आने वाले समय में आंदोलन की तीव्रता बढ़ सकती है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर पूछे गए सवाल पर पटोले ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले एसआईआर प्रक्रिया और फॉर्म संख्या छह में बदलाव के अधिकार को लेकर निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद भी संबंधित मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन और भाजपा की ओर से इसे लेकर उठाए गए सवालों पर पटोले ने कहा कि जंतर-मंतर को लेकर विरोध रोकने की कोशिशों से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कही कि सरकार प्रदर्शनकारियों को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब यह आंदोलन दिल्ली से आगे पूरे देश में फैल चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार पर चुनावों में कथित वोट चोरी के जरिए सत्ता में आने का आरोप भी लगाया। पटोले ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में जनता सरकार की बात सुनने के बजाय चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवालों के जवाब चाहती है।
भाजपा के इस तर्क पर कि एसआईआर देशभर में हुआ और कांग्रेस को केवल कुछ राज्यों में ही आपत्ति है, पटोले ने महाराष्ट्र के चुनावों का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि 2019 से 2024 के बीच राज्य में लोकसभा चुनावों के संदर्भ में करीब 50 लाख वोट बढ़े, जबकि विधानसभा चुनाव से पहले चार महीने के भीतर 46 लाख वोट बढ़ने का सवाल उठा। पटोले ने मतदान के आंकड़ों और शाम पांच बजे के बाद दर्ज मतदान प्रतिशत को अगले दिन प्रदर्शित किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से मतदान केंद्रों के फुटेज मांगे थे, ताकि मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता की जांच की जा सके। चुनाव आयोग को बढ़े हुए मतदाताओं और मतदान के आंकड़ों के संबंध में जानकारी देनी चाहिए थी। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। पटोले ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।
मुख्य न्यायाधीश को लेकर केरल कांग्रेस के एक्स पोस्ट पर पटोले ने कहा कि संबंधित पोस्ट अब हटा दिया गया है, इसलिए यह मामला अब चर्चा का विषय नहीं रह गया है।
--आईएएनएस
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