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देवघर में विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई से, सुरक्षा के लिए बना एआई कंट्रोल रूम, 14 हजार जवानों की होगी तैनाती

 

देवघर, 17 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में 30 जुलाई से शुरू हो रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को इस बार हाईटेक सुरक्षा कवच मिलेगा। मेले में 14 हजार से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे, जबकि पहली बार एआई आधारित कंट्रोल रूम, ड्रोन और स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम से चौबीसों घंटे निगरानी होगी।

आम श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रविवार और सोमवार को वीआईपी, वीवीआईपी और आउट ऑफ टर्न दर्शन की व्यवस्था भी स्थगित रहेगी। राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशासन का लक्ष्य 25 जुलाई तक सभी आधारभूत तैयारियां पूरी कर लेने का है, ताकि 30 जुलाई से शुरू होने वाला एक माह का यह धार्मिक आयोजन सुचारु और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत जिला पुलिस, झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी), इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी), रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की पांच कंपनियां और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो कंपनियां तैनात रहेंगी। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीम भी बाबा मंदिर परिसर, संस्कार मंडप और कतार मार्ग का सुरक्षा ऑडिट कर चुकी है। मेला क्षेत्र में 21 अस्थायी पुलिस ओपी और 13 ट्रैफिक ओपी स्थापित किए जा रहे हैं।

देवघर के उपायुक्त के अनुसार, श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ पर नजर रखने के लिए पहली बार एआई आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र, कतार मार्ग, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख स्थानों पर ड्रोन व स्मार्ट सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी होगी। कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग के जरिए भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। मंदिर परिसर में इस बार श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। शीघ्र दर्शनम और सामान्य कतार के बीच होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नया फुट ओवरब्रिज तैयार किया गया है, जिसका ट्रायल 20 जुलाई से शुरू होगा

गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं के सामान सुरक्षित रखने के लिए क्यू कॉम्प्लेक्स में लॉकर और क्लॉक रूम की व्यवस्था की गई है। भीड़ को देखते हुए शहर में डबल डेकर कांवरिया वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। दुम्मा बॉर्डर से खिजुरिया कांवरिया पथ तक श्रद्धालुओं के लिए बालू बिछाई जा रही है। मार्ग में आने वाले बिजली के खंभों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कोठिया में विशाल टेंट सिटी तैयार की जा रही है। यहां वेंटिलेशन, स्वच्छता, अग्नि सुरक्षा और बिजली व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया है।

इसके अलावा सरसा, भलुवा और परित्राण में बड़े वाहन पड़ाव विकसित किए जा रहे हैं, ताकि मेले के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत बनाया गया है। पहली बार भीड़भाड़ वाले इलाकों में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए टोटो एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। देवघर और जसीडीह रेलवे स्टेशन समेत कांवरिया पथ पर 24 घंटे मेडिकल कैंप संचालित होंगे। यहां डॉक्टरों, दवाओं, पेयजल, अस्थायी शौचालय, स्नानगृह और निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीसीएच