देवघर में 'बोल बम' की गूंज के साथ उमड़ा जनसमुद्र, सवन के दूसरे सोमवार पर भक्ति-उल्लास का अनूठा नजारा
देवघर, 10 अगस्त (आईएएनएस)। सावन की दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में आस्था का समुद्र उमड़ पड़ा है। तड़के तीन बजे से पूरा शहर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज रहा है।
बिहार के सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए कांवरियों की भीड़ से देवघर की सड़कें केसरिया रंग में रंग गई हैं। मंदिर से लेकर कांवरिया पथ तक हर तरफ श्रद्धा और उत्साह का अनूठा माहौल है। वैद्यनाथ धाम में सदियों से प्रतिष्ठापित बाबा वैद्यनाथ की मनोकामना ज्योतिर्लिंग पर जलार्पण के लिए रविवार देर रात से ही कांवरियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी।
सोमवार सुबह मुख्य अरघा से जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की कतार मंदिर से करीब 20 किलोमीटर दूर कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच गई। वहीं, बाह्य अरघा से जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की कतार सरदार पंडा लाइन, शिवगंगा लेन और वीआईपी गेट के सामने तक फैली रही।
प्रशासन के अनुसार, इस कतार में करीब 70 से 80 हजार श्रद्धालु शामिल रहे। सुबह 3.05 बजे बाबा मंदिर का पट खोला गया। पट खुलने के बाद पुरोहित समाज ने बाबा की पारंपरिक कच्चा जल पूजा की। करीब 15 मिनट तक चली इस पूजा में विश्व कल्याण की कामना की गई।
इसके बाद मंदिर के महंत सरदार पंडा श्रीश्री गुलाब नंद ओझा ने विधि-विधान से बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा की। बाबा को दूध, दही, घी और मधु समेत विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की गई। विशेष पूजा के बाद सुबह 4.10 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण शुरू हुआ। अरघा व्यवस्था के जरिए लगातार जल चढ़ाया गया। लंबी कतार में खड़े श्रद्धालुओं के चेहरों पर थकान साफ दिख रही थी। लेकिन बाबा के दर्शन की उम्मीद उनके कदमों को आगे बढ़ाती रही। कोई कांवर कंधे पर लिए था, तो कोई हाथ में गंगाजल का पात्र थामे अपनी बारी का इंतजार कर रहा था।
प्रशासन के अनुमान के अनुसार, दूसरे सोमवार पर करीब साढ़े तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए पूरे कांवरिया पथ और मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
करीब 14 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। क्विक रिस्पांस टीम भी सक्रिय है। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। इन तमाम इंतजामों के बीच देवघर की पहचान आज एक ही आवाज से बनी हुई है-'बोल बम'। थके कदमों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। बाबा की एक झलक और जलार्पण की एक बूंद के लिए लाखों आस्थावान घंटों से कतार में हैं।
--आईएएनएस
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