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दिल्ली विश्वविद्यालय में 'उड़ान' कार्यक्रम का समापन, विजेताओं को मिले 15 हजार तक के इनाम

 

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) और नॉन-कॉलेजिएट वुमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीडब्ल्यूईबी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'उड़ान' कार्यक्रम का समापन समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर और एनसीडब्ल्यूईबी की डायरेक्टर प्रो. गीता भट्ट ने छात्राओं को संबोधित किया और इस कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

आईएएनएस से बातचीत में एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय और एनसीडब्ल्यूईबी के साथ मिलकर 'उड़ान' कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसका आज समापन हुआ है।

उन्होंने बताया कि एनसीडब्ल्यूईबी के साथ पूरे दिल्ली में लगभग 49 हजार लड़कियां जुड़ी हुई हैं। ये छात्राएं शनिवार और रविवार को कॉलेज आती हैं और बाकी दिनों में घर की जिम्मेदारियां संभालती हैं या नौकरी करती हैं। वीकेंड पर पढ़ाई कर वे आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का प्रयास कर रही हैं।

विजया रहाटकर ने कहा, "इन सभी लड़कियों का हाथ राष्ट्रीय महिला आयोग ने पकड़ लिया है। हमने तय किया था कि हम इन बेटियों को सुरक्षा और सम्मान के बारे में बताएंगे। महिलाओं की सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए जो कानून हैं, उनके बारे में जानकारी देंगे। इसके साथ ही स्किलिंग के जरिए कैसे आगे बढ़ सकते हैं और अपने जीवन को आकार दे सकते हैं, इस पर भी हमने चर्चा की।"

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने एनसीडब्ल्यूईबी के 27 केंद्रों पर 49 हजार छात्राओं के साथ संवाद किया। इस दौरान पोस्टर मेकिंग और रील मेकिंग जैसी कई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यक्रम से बेटियों में जो आत्मविश्वास आया है, वह उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और सपनों को पूरा करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि आज देश में बेटियों के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण है और राष्ट्रीय महिला आयोग हमेशा दिल्ली विश्वविद्यालय और इन बेटियों के साथ खड़ा रहेगा।

वहीं, एनसीडब्ल्यूईबी की डायरेक्टर प्रो. गीता भट्ट ने कहा कि नॉन-कॉलेजिएट वुमेन एजुकेशन बोर्ड दिल्ली विश्वविद्यालय का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसमें वर्तमान में 49 हजार लड़कियां पढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने उन बच्चियों के लिए, जो ज्यादातर हाशिए के समाज से आती हैं, उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाने और उनमें आत्मविश्वास जगाने के उद्देश्य से 27 केंद्रों पर वर्कशॉप आयोजित की। इसी आयोजन का समापन समारोह आज दिल्ली विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया गया, जिसमें लगभग पांच हजार छात्राएं उपस्थित रहीं।

प्रो. भट्ट ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें विजेता छात्राओं को 15 हजार, 10 हजार और 5 हजार रुपये के पुरस्कार दिए गए। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विकसित भारत से जुड़े विषयों पर पोस्टर बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि एनसीडब्ल्यू द्वारा छात्राओं का हाथ थामने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। इन वर्कशॉप के जरिए छात्राओं को 21वीं सदी के नए आयामों, नए स्किल्स और उनकी रुचि के अनुसार करियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि वे कहां ट्रेनिंग ले सकती हैं।

--आईएएनएस

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