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Delhi SIR Update: 33 लाख वोटर्स को भेजे गए नोटिस, 20 लाख मामलों का निपटारा; अक्टूबर में फिर लगेंगे विशेष कैंप

 

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं को राहत मिली है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब 33 लाख मामलों में से 20 लाख का निपटारा किया जा चुका है। ये नोटिस मतदाता सूची में तार्किक विसंगतियां मिलने या मतदाताओं का नाम वर्ष 2002 की सूची से मैप नहीं होने के कारण जारी किए गए थे।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने आधिकारिक बयान में बताया कि इन मामलों को सुलझाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मतदाताओं की सहायता के लिए विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं।

18 और 25 अक्टूबर को लगेंगे विशेष शिविर

निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, SIR से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए 18 और 25 अक्टूबर को भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) मतदाताओं को जानकारी देने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने में मदद करेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा कि मतदाता सूची में दर्ज विसंगतियों को दूर करने के लिए सक्रिय अभियान शुरू किया गया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।

शिकायत के लिए इन अधिकारियों से कर सकते हैं संपर्क

CEO कार्यालय के अनुसार, SIR से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए मतदाता संबंधित निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए दिल्ली में 14,947 बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO), 902 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO), 70 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO), 13 जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय उपलब्ध है।

क्यों जारी किए गए थे 33 लाख नोटिस?

SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म में दर्ज जानकारी की जांच की गई थी। इस दौरान कुछ मामलों में तार्किक विसंगतियां मिलीं, जबकि कुछ मतदाताओं की जानकारी वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मैप नहीं हो पाई। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजकर जानकारी स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया गया।

नोटिस पाने वालों में आम मतदाताओं के साथ कुछ चर्चित हस्तियों के नाम भी शामिल बताए गए थे। इनमें पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू का नाम भी सामने आया था।

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, लंबित मामलों के निपटारे के लिए प्रक्रिया जारी है। मतदाताओं को सलाह दी गई है कि नोटिस मिलने पर उसमें दिए गए निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर संबंधित BLO या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।