नई दिल्ली : शीतकालीन सत्र से पहले भाजपा-'आप' में आरोप-प्रत्यारोप, कैग रिपोर्ट और स्वास्थ्य सेवाएं बने मुद्दे
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो चुकी है। भाजपा विधायक हरीश खुराना ने भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर आम आदमी पार्टी को घेरा है, जबकि 'आप' के पूर्व सांसद सुशील गुप्ता ने वर्तमान में दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए हैं।
आईएएनएस से बातचीत में भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा, "शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से शुरू हो रहा है। उपराज्यपाल इसका उद्घाटन करेंगे। सत्र 6, 7 और 8 जनवरी को भी चलेगा, जिसमें जनता से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।"
उन्होंने कहा कि सदन में कैग रिपोर्ट और 'शीश महल' से जुड़ी रिपोर्ट को भी रखा जाना है। 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली विधानसभा में चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, प्रदूषण के मुद्दे पर भी सरकार सदन में अपना पक्ष रखेगी। इसके अलावा, जनता से जुड़े मुद्दों पर शीतकालीन सत्र में चर्चा की जाएगी।
हरीश खुराना ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि सत्र लोगों की चिंताओं पर केंद्रित रहे और सत्र के लिए तय सभी जरूरी काम कुशलता से पूरे हों।
इसी बीच, भाजपा विधायक ने कैग रिपोर्ट पर बात करते हुए आम आदमी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, "पिछली सरकार ने दिल्ली में भ्रष्टाचार किया। कैग रिपोर्ट बहुत समय से पेंडिंग थी। निश्चित तौर पर 'शीश महल' को लेकर भी रिपोर्ट महत्वपूर्ण है।"
हरीश खुराना ने कहा कि दिल्ली की जनता से हमने वादा किया था कि सभी कैग रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखेंगे, चर्चा करेंगे और पीएसी को भेजेंगे। उन्होंने कहा, "जब भी कैग रिपोर्ट पेश की जाती है, तो उन्हें पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) को भेजा जाता है। इस सेशन में भी रिपोर्ट इसी प्रक्रिया से गुजरेगी, उन पर पूरी चर्चा होगी और फिर जरूरी कार्रवाई के लिए पीएसी को भेजी जाएगी।"
वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व सांसद सुशील गुप्ता ने कहा, "अगर विधानसभा सेशन में कुछ ठोस काम हो तो बेहतर होगा। दिल्ली में हेल्थकेयर सर्विस पूरी तरह से ठप हो गई हैं। डायलिसिस के मरीज भगवान भरोसे हैं। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने भाजपा को बहुमत दिया है। अब मुद्दों पर काम किया जाना चाहिए। राजधानी को प्रदूषण मुक्त करना चाहिए। व्यापारियों और मजदूरों के लिए राहत के काम किए जाएं। दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम किया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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