दिल्ली शराब घोटाला केस: आरोपी अरुण पिल्लई के वकील की दलील, सीबीआई के सीडीआर पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को दिल्ली शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आरोप तय करने पर सुनवाई हुई। आरोपी अरुण रामचंद्र पिल्लई के वकील ने सीबीआई के सीडीआर पर सवाल उठाए। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 4 फरवरी को भी होगी।
आरोपी अरुण पिल्लई के वकील ने कहा कि सीबीआई ने अरुण पिल्लई के जिस फोन का सीडीआर दिया है, वो फोन उस दिन एक्टिव नहीं हुआ था। वो उसके एक दिन बाद एक्टिवेट हुआ था, तो कैसे उसकी लोकेशन वेरीफाई की जा सकी है? जिस समय मीटिंग की बात कही जा रही है, उस समय मोबाइल सीडीआर यानी उनकी लोकेशन निजामुद्दीन पर थी। कैसे कहा जा रहा है कि वे ओबेरॉय होटल में थे?
सीआरपीसी 164 के बाद 161 का भी बयान दर्ज किया गया, जबकि ऐसा नहीं होता है। जिस मोबाइल नंबर को अरुण पिल्लई का बताया गया है, उसका क्या सबूत है कि यह फोन नंबर पिल्लई का ही है? सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेकर अदालत सुनवाई कर रही है। सीबीआई ने इस चार्जशीट में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत अन्य को भी आरोपी बनाया है।
बता दें कि कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में पहले दिल्ली हाईकोर्ट से हैदराबाद के व्यवसायी अरुण पिल्लई को जमानत मिल चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, पिल्लई इस घोटाले से जुड़े दक्षिण भारतीय व्यवसायियों के समूह में शामिल है। इस समूह में कथित तौर पर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के. कविता, अरबिंदो फार्मा के प्रवर्तक शरत रेड्डी, श्रीनिवासुलु रेड्डी और उनके बेटे राघव मगुंटा और अन्य शामिल हैं।
पिछले साल अक्टूबर में दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने पिल्लई की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया था और मामले में ईडी से जवाब मांगा था। इससे पहले जून 2023 में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था कि मामले में उनकी संलिप्तता अन्य आरोपियों की तुलना में अधिक गंभीर है।
--आईएएनएस
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