दिल्ली पुलिस ने वांछित अपराधी सहित तीन को किया गिरफ्तार, पिस्टल बरामद
दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने जनवरी 2026 में मयूर विहार में एक वकील पर हुए हमले के मामले में वांटेड शूटर शोहैब समेत तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां एमजी रोड के पास एक ऑपरेशन के दौरान सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस के स्पेशल स्टाफ द्वारा की गई हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से मेड इन इटली पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस और सनलाइट कॉलोनी थाने से चोरी की गई एक बाइक समेत दो स्कूटी बरामद की है। आरोपी शोहैब उर्फ अज्जू मयूर विहार थाने का कुख्यात अपराधी है, जिस पर पहले से ही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। अन्य दो भी आदतन अपराधी हैं और गंभीर मामलों में शामिल हैं।
नई दिल्ली मध्य जिले के डिप्टी कमिश्नर रोहित राजबीर सिंह के अनुसार वांछित अपराधियों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 5 मार्च 2026 को गुप्त सूचना मिली कि कुख्यात अपराधी शोहैब उर्फ गुरुवार रात 11:00 बजे रोज गार्डन, एमजी रोड के पास अपने साथियों से मिलने आएगा। शोहैब मयूर विहार थाने में हत्या के प्रयास के मामले में वांछित था।
इस सूचना पर प्रभारी विशेष स्टाफ इंस्पेक्टर रोहित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। इसके बाद टीम केंद्रीय जिला के एसीपी ऑपरेशंस कमल शर्मा के नेतृत्व में विशेष स्टाफ ने जाल बिछाया। इस दौरान रात 11 बजे तीन संदिग्ध व्यक्ति दो स्कूटी पर गांधी स्मारक निधि, सर्विस रोड, गांधी स्मारक बस स्टैंड के पास एमजी रोड के नजदीक गेट नंबर 2 के पास पहुंचे। पुलिस ने तुरंत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनकी पहचान सोहैब उर्फ अज्जू (23) निवासी त्रिलोकपुरी, मो. अनीस उर्फ सोनू (36 वर्ष) निवासी चांदनी चौक और माजिद (24 वर्ष) निवासी त्रिलोकपुरी के रूप में हुई है।
मुख्य अपराधी सोहैब उर्फ अज्जू ने 2024 में एचएलएम कॉलेज, मुरादनगर (उत्तर प्रदेश) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद गाजीपुर मुर्गा मंडी में थोक चिकन मांस का व्यवसाय शुरू किया और लगभग 70,000-80,000 प्रति माह कमा रहा था। लगभग 3-4 साल पहले एक विवाद के दौरान उसने अपने पड़ोसी पर ईंट से हमला किया। इसके बाद से आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया और हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद जनवरी 2026 में सोहैब ने अपने एक दोस्त से हुए झगड़े के बाद त्रिलोकपुरी के स्थानीय निवासी राशिद उर्फ कंखड़ा से दुश्मनी हो गई। बदला लेने के लिए उसने अपने साथी आसिफ उर्फ कालिया से एक अवैध पिस्तौल खरीदी थी। इसके बाद 24 जनवरी को अपने साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर मयूर विहार पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक वकील पर गोली चलाई। घटना के बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार रहा और जानबूझकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से बचता रहा। साथ ही बार-बार अपना ठिकाना बदलता रहा। सोहैब मयूर विहार थाने का कुख्यात अपराधी है और पहले भी उस पर डकैती, छीना-झपटी और हत्या के प्रयास सहित 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तार मोहम्मद अनीस उर्फ सोनू सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की और कम उम्र में ही पढ़ाई छोड़ दी। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि कम उम्र में ही वह बुरी संगत में पड़ गया था और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने लगा था।
तीसरे आरोपी मजीद को लगभग तीन साल पहले पांडव नगर पुलिस ने सट्टेबाजी के लिए बैंक खाते खोलने से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया था और वह लगभग 28 दिनों तक मंडोली जेल में रहा। रिहाई के बाद वह फिर से आपराधिक तत्वों के संपर्क में आया और चोरी व छीनाझपटी के मामलों में शामिल हो गया। इस दौरान, उसकी अपराधियों शोहैब उर्फ अज्जू, आसिफ उर्फ कालिया और अनीस उर्फ सोनू से दोस्ती हो गई थी।
--आईएएनएस
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