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दिल्ली पुलिस ने अपहरणकर्ता को गिरफ्तार करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद किया

 

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। ज्योति नगर पुलिस स्टेशन ने फिरौती के लिए अपहरण के मामले को सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही बच्चे को सुरक्षित बचा लिया और फिरौती की 5,000 रुपये, मोबाइल फोन और अपहरण में प्रयुक्त स्कूटी को भी बरामद कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि 30 अक्टूबर को शाम लगभग 07:14 बजे ज्योति नगर पुलिस स्टेशन को 13 वर्षीय नाबालिग लड़के के अपहरण की सूचना मिली। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका बेटा कुछ सामान खरीदने बाहर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद, उसे एक अनजान व्यक्ति का फोन आया, जिसने उसके बेटे को सुरक्षित छोड़ने के बदले 40 हजार रुपये की फिरौती मांगी।

इस सूचना पर एएसआई गजराज सिंह और हेड कांस्टेबल अमित तोमर दिल्ली के पूर्वी गोकलपुर इलाके की अमर कॉलोनी पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही ज्योति नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी को गिरफ्तार करने और बच्चे को बरामद करने के लिए एसीपी गोकलपुरी, श्री तनवीर अशरफ की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

टीम ने तुरंत गहन जांच शुरू की, तकनीकी सबूत जुटाए और अगवा किए गए बच्चे का पता लगाने तथा आरोपियों की पहचान करने के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया।

जांच के दौरान अपहरणकर्ता ने शिकायतकर्ता से फिर संपर्क किया और फिरौती की मांग की। आरोपी का पता लगाने के लिए पुलिस टीम ने उसे फिरौती के लेन-देन में उलझाए रखा। हालांकि, नकद लेने के बजाय, आरोपी ने यूपीआई के जरिए पैसे लेने पर जोर दिया और एक बारकोड साझा किया। इसके बाद, एक पुलिस अधिकारी के खाते से उस यूपीआई बारकोड पर 5,000 रुपये ट्रांसफर किए गए।

तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस टीम करावल नगर थाना क्षेत्र के एक साइबर कैफे तक पहुंची। यह कैफे दिल्ली के करावल नगर स्थित प्रेम नगर के रहने वाले सुनील सैनी द्वारा चलाया जा रहा था। पूछताछ के दौरान कैफे मालिक ने बताया कि लगभग 21-22 साल का एक युवक एक नाबालिग बच्चे के साथ उसके कैफे में आया था। उसने 50 रुपये के कमीशन के बदले 5,000 रुपये प्राप्त करने के लिए बारकोड का इस्तेमाल किया था।

साइबर कैफे के सीसीटीवी फुटेज की तुरंत जांच की गई, जिसमें शिकायतकर्ता ने अपने अपहृत बेटे को पहचान लिया। आरोपी की पहचान पक्की करने और उसे पकड़ने के लिए उसी यूपीआई बारकोड के जरिए 5,000 रुपये का एक और लेन-देन किया गया। कुछ ही समय में आरोपी फिरौती की रकम नकद लेने के लिए अपहृत बच्चे के साथ वापस साइबर कैफे पहुंच गया।

कैफे मालिक की मदद और पहचान के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी की पहचान आकाश (22), निवासी लोनी (उत्तर प्रदेश), के रूप में हुई। पुलिस ने उसके कब्जे से अपहृत नाबालिग बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। आरोपी ने बताया कि वह सदर बाजार इलाके में डिलीवरी हेल्पर के तौर पर काम करता था और अपने चचेरे भाई के जरिए पीड़ित को जानता था। उसने कथित तौर पर नाबालिग लड़के को अपनी स्कूटी पर बैठाकर बहला-फुसला लिया और बाद में पीड़ित की मां को फोन करके फिरौती मांगी।

--आईएएनएस

ओपी/एएस