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दिल्ली पुलिस के वीडियो पर अभिजीत दिपके का पलटवार, बोले-वकील से बात करने के लिए मोबाइल मांगने का हिस्सा क्यों काट दिया?

 

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में 10 अक्टूबर को सीजेपी के प्रदर्शन से पहले अभिजीत दिपके और उनके साथियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इस बीच दिपके की दादी का निधन हो गया। इसके बाद पुलिस ने अभिजीत दिपके को परिवार से बातचीत करने की इजाजत दी थी या नहीं, इसको लेकर दोनों पक्षों की ओर से आरोप प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

सीजेपी की तरफ से आरोप लगाया गया कि दादी के निधन के बाद भी दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को परिवार से बातचीत करने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें मदद और माता-पिता से बातचीत करने की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। अब दिल्ली पुलिस के इस बयान पर अभिजीत दिपके ने सवाल उठाए हैं।

दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो को लेकर अभिजीत दिपके ने कहा, "आपने वह हिस्सा क्यों हटा दिया, जिसमें मैं अपना फोन मांग रहा था ताकि अपने चचेरे भाई का नंबर ले सकूं और मैं अपने वकीलों से बात करने की मांग कर रहा था?"

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभिजीत दिपके ने लिखा कि दिल्ली पुलिस, जो उनकी दादी के निधन की खबर देने और उन्हें घर छोड़ने की पेशकश कर नैतिकता का दिखावा कर रही है, वही पुलिस सुबह 3:30 बजे गिरफ्तारी के कागज लेकर उनके पास आई और उन पर हस्ताक्षर करने को कहा।

अभिजीत दिपके ने पूछा कि सुबह 3:30 बजे वह सारी इंसानियत कहां चली गई थी? उन्होंने कहा कि यह जानते हुए भी कि उन्होंने अभी-अभी अपनी दादी को खोया है, पुलिस ने फिर भी गिरफ्तारी के कागजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने तब तक इनकार किया, जब तक उन्हें अपने वकीलों से बात करने की इजाजत नहीं मिली।

वहीं, दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दिपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें दादी के निधन की जानकारी दी थी। इसके बाद उन्होंने अपने चचेरे भाई से बात करने के लिए मोबाइल फोन मांगा, लेकिन पुलिस ने फोन देने के बजाय नंबर मांगा। उन्हें नंबर याद नहीं था, इसलिए नंबर निकालने के लिए उन्होंने मोबाइल फोन मांगा, लेकिन पुलिस ने उन्हें फोन नहीं दिया।

दिपके ने कहा कि उन्हें अपने वकील को फोन करने का अधिकार है, लेकिन बात नहीं करने दी गई। वह अपने चचेरे भाई से बात करना चाहते थे, लेकिन इसकी भी अनुमति नहीं मिली। हालांकि रात साढ़े तीन बजे पुलिस ने उन्हें उठाकर कहा कि अपने माता-पिता को फोन करके बताओ कि तुम गिरफ्तार हो चुके हो। उन्होंने सवाल किया कि इसके पीछे क्या तर्क था?

उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, दादी का निधन हो चुका है और दिल्ली पुलिस चाहती थी कि वह रात साढ़े तीन बजे उन्हें फोन करके बताएं कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। दिपके ने आरोप लगाया कि पुलिस के व्यवहार में इंसानियत नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई बॉन्ड साइन नहीं किया है और वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी