दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद खराब, एक्यूआई 400 के पार
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली-एनसीआर में हाल ही में हुई बारिश के थमते ही वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ गया है। राजधानी दिल्ली की हवा जहरीली हो चुकी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 3 नवंबर से 8 नवंबर तक आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है, तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और आईआईटीएम के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के खतरनाक स्तर को पार कर गया है। अलिपुर में एक्यूआई सबसे अधिक 415 दर्ज किया गया है। बवाना में स्थिति 409 तक पहुंच गई है। बुराड़ी क्रॉसिंग में 383 और अशोक विहार में 350 एक्यूआई दर्ज किया गया। आया नगर में 310, बदरपुर में 300 और बुराड़ी में 348 एक्यूआई रहा।
नोएडा की हवा भी सांस लेने लायक नहीं बची है। नोएडा में यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के प्रदूषण नियंत्रण के दावे पूरी तरह से फेल साबित हो रहे हैं। तस्वीरों में मिले आंकड़ों के अनुसार, नोएडा के कई सेक्टरों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है। सेक्टर-62 में एक्यूआई 406 के साथ लाल निशान पर है। सेक्टर-39 में 364, सेक्टर-150 में 343 और सेक्टर-116 में 270 एक्यूआई दर्ज किया गया। सेक्टर-125 में 250, सेक्टर-1 में 201 दर्ज किया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नोएडा में धड़ले से कंस्ट्रक्शन (निर्माण) का काम हो रहा है। सड़कों के निर्माण और मरम्मत के दौरान उड़ती धूल और जहरीला धुआं हवा में घुल रहे हैं, जिससे स्थिति और भी खराब हो रही है। प्रशासन द्वारा लगाए गए निर्माण कार्यों पर रोक के नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है।
गाजियाबाद में भी प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। यहां भी अधिकांश स्टेशनों पर एक्यूआई 200 से 300 के बीच है। वेव सिटी में एक्यूआई 314 और संजय नगर में 306 दर्ज किया गया। इंदिरापुरम में 275, वसुंधरा में 260, वेद विहार-लोनी में 212 और लोनी में 293 एक्यूआई रहा।
400 के पार पहुंचा एक्यूआई सीधे तौर पर लोगों के फेफड़ों और स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस समय बाहर निकलने से बचें, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक तेज हवाओं के आसार नहीं हैं, जिससे प्रदूषण के कम होने की उम्मीद कम है।
--आईएएनएस
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