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दिल्ली-एनसीआर में 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज, केंद्र ने बढ़ती कीमतों पर कसी लगाम

 

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली-एनसीआर में प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। राजधानी के बाजारों में जहां प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, वहीं केंद्र सरकार की एजेंसियां अब इसे महज 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर उपलब्ध कराएंगी।

जानकारी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 13 स्थानों पर सस्ता प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में बिक्री केंद्रों की संख्या बढ़ाकर करीब 40 की जाएगी।

बृहस्पतिवार को कृषि भवन परिसर में उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने नेफेड और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान कृषि भवन परिसर में लोगों को 35 रुपये किलो की दर से प्याज बेचा गया। पहले दिन करीब 400 किलो प्याज की बिक्री हुई।

निधि खरे ने कहा कि देश में प्याज का उत्पादन और उपलब्धता पर्याप्त है। हालांकि त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इसे नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

दिल्ली में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए नासिक से चली पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ नई दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पहुंच गई। इस ट्रेन के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज दिल्ली भेजा गया है, जिसकी बिक्री रियायती दर पर की जाएगी। आने वाले दिनों में और भी ‘कांदा एक्सप्रेस’ दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।

उपभोक्ता मामलों के विभाग के निर्देश पर दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए यह विशेष व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत बनाए गए बफर स्टॉक में से 840 टन प्याज दिल्ली भेजने का फैसला किया है। इसमें करीब 450 टन प्याज पहली कांदा एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली भेजा गया है।

लासलगांव के स्टेशन प्रबंधक प्रितेश दुबे ने बताया कि करीब 450 टन प्याज ट्रेन से दिल्ली भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रेन को जल्द से जल्द गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, ताकि राजधानी के उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

सरकार का कहना है कि रियायती दर पर प्याज की बिक्री और अतिरिक्त आपूर्ति से दिल्ली-एनसीआर में कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इससे त्योहारों के मौसम में आम उपभोक्ताओं को महंगे प्याज से राहत मिलने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

एसएके/एएस