दिल्ली में ई-ऑफिस व्यवस्था के एक साल पूरे, फाइलों के निस्तारण और पारदर्शिता में हुआ सुधार: सीएम रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 1 जुलाई को दिल्ली सरकार में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने का एक वर्ष पूरा हो जाएगा। अब सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पहले अधिकांश काम कागजी फाइलों के माध्यम से होता था, जबकि अब फाइलों का संचालन, पत्राचार और अनुमोदन ऑनलाइन होने लगा है। इससे फाइलों के निस्तारण में तेजी आई है। कामकाज अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बना है और लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था के माध्यम से अब यह आसानी से पता चल जाता है कि कोई फाइल किस अधिकारी के पास लंबित है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, अनावश्यक देरी कम होती है और विभागों के बीच कामकाज पहले की तुलना में अधिक सुचारू ढंग से होता है। यही कारण है कि दिल्ली सरकार लगातार अधिक से अधिक विभागों और संस्थानों को इस व्यवस्था से जोड़ रही है।
उन्होंने बताया कि 8 मार्च 2025 तक दिल्ली सरकार के 198 विभागों और कार्यालयों के 5,005 अधिकारी और कर्मचारी ई-ऑफिस के माध्यम से सरकारी फाइलों और कार्यालयी कामकाज का ऑनलाइन निस्तारण कर रहे थे। 27 जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 235 विभाग और कार्यालयों के 15,748 अधिकारी और कर्मचारी तक हो गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सभी विभागों और संस्थानों की कार्यप्रणाली एक जैसी नहीं होती। इसी कारण दिल्ली सरकार ने ई-ऑफिस व्यवस्था को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विकसित किया है। पहली श्रेणी पूर्ण रूप से सरकारी विभागों के लिए, दूसरी सार्वजनिक उपक्रमों, बोर्डों, निगमों, आयोगों, समितियों, स्वायत्त व स्थानीय निकायों के लिए तथा तीसरी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए बनाई गई है।
इससे प्रत्येक श्रेणी की आवश्यकताओं के अनुरूप कामकाज अधिक प्रभावी ढंग से हो रहा है। इसी के मद्देनजर 1 जुलाई 2025 से दिल्ली सरकार के सभी सरकारी विभागों में ई-ऑफिस का उपयोग अनिवार्य किया गया था। वर्तमान में 132 शुद्ध सरकारी विभाग इस व्यवस्था से जुड़ चुके हैं, जहां 11,940 सक्रिय उपयोगकर्ता कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2025 से 12 अप्रैल 2026 के बीच सरकारी विभागों में 1,14,603 ई-फाइलों और 7,14,091 ई-रसीदों का निस्तारण किया गया। वहीं, नई ई-ऑफिस व्यवस्था शुरू होने के बाद 13 अप्रैल 2026 से 27 जून 2026 के बीच ही लगभग 23,767 ई-फाइलों और 1.53 लाख ई-रसीदों का निस्तारण किया गया, जिससे स्पष्ट है कि विभागों में इस व्यवस्था का उपयोग तेजी से बढ़ा है।
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि सार्वजनिक उपक्रमों, बोर्डों, निगमों, आयोगों, समितियों और अन्य स्वायत्त एवं स्थानीय निकायों की 55 संस्थाओं में 3,090 सक्रिय उपयोगकर्ता ई-ऑफिस के माध्यम से काम कर रहे हैं। इन संस्थाओं में 15 अप्रैल 2026 से 27 जून 2026 के बीच 4,672 ई-फाइलों और 55,132 ई-रसीदों का निस्तारण किया गया। इसी प्रकार विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों की 48 संस्थाओं में 718 सक्रिय उपयोगकर्ता ई-ऑफिस का उपयोग कर रहे हैं। 17 अप्रैल 2026 से 27 जून 2026 के बीच इन संस्थानों में 1,267 ई-फाइलों और 3,051 ई-रसीदों का निस्तारण किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य सभी सरकारी कार्यालयों में ऐसा कार्य वातावरण विकसित करना है, जहां कामकाज तेज, पारदर्शी और जवाबदेह हो तथा लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। ई-ऑफिस व्यवस्था इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि दिल्ली में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
--आईएएनएस
एसके/वीसी