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दिल्ली में बिजली व्यवस्था के बुनियादी सुधार के लिए हो रहे व्यापक सुधार: आशीष सूद

 

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार राजधानी में बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को कहा कि सरकार बिजली के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।

आशीष सूद ने कहा कि पिछले वर्ष गर्मियों के दौरान बिजली व्यवस्था में कई तरह की तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं, जिसके कारण लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा था। दिल्ली सरकार ने बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।

उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि इस वर्ष तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने के बावजूद राजधानी में बड़े स्तर पर बिजली गुल होने की कोई गंभीर घटना सामने नहीं आई है।

बिजली मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए एक व्यापक “पावर मास्टर प्लान” तैयार किया है। इस योजना के तहत बिजली वितरण नेटवर्क, ट्रांसफॉर्मर क्षमता और आपूर्ति तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। इन सुधारों के कारण राजधानी में बढ़ती बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका है।

उन्होंने जानकारी दी कि पिछले साल 12 जून को दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग 8,441 मेगावाट दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष मई महीने में ही इस स्तर की मांग पूरी कर ली गई है। यह इस बात का संकेत है कि दिल्ली का बिजली ढांचा पहले की तुलना में अधिक सक्षम और मजबूत हुआ है।

आशीष सूद ने कहा कि अभी भी सुधार की गुंजाइश बनी हुई है और अगले दो वर्षों में दिल्ली का बिजली बुनियादी ढांचा और अधिक आधुनिक तथा मजबूत हो जाएगा। सरकार का लक्ष्य भविष्य में बिजली कटौती की समस्या को पूरी तरह समाप्त करना है।

उन्होंने यह भी बताया कि 25 मई 2026 को दिल्ली में 168 मिलियन यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी तारीख को यह आंकड़ा 110 मिलियन यूनिट था।

मंत्री के अनुसार, इस बार गर्मी का असर भी अधिक रहा, क्योंकि 25 मई को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था।

बिजली मंत्री ने कहा कि इस वर्ष दिल्ली के किसी भी इलाके में दो घंटे से अधिक समय तक बिजली कटौती की घटना सामने नहीं आई है। वहीं, पिछले वर्ष दो घंटे से ज्यादा बिजली गुल रहने की 147 घटनाएं दर्ज की गई थीं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार निगरानी और सुधार के जरिए बेहतर बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी