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दिल्ली: महिलाओं की सुरक्षा को लेकर छात्राओं का सॉलिडैरिटी मार्च, जवाबदेही की मांग

 

नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। महिलाओं की सुरक्षा और उत्पीड़न व दुष्कर्म की घटनाओं के खिलाफ लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्राओं ने मार्च निकाला। मार्च में दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य कॉलेजों की छात्राएं भी शामिल हुईं। छात्राओं ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।

मार्च में शामिल छात्रा अन्नपूर्णा ने इसे 'सॉलिडैरिटी मार्च' बताया। उन्होंने कहा कि जिस लड़की के साथ गंभीर घटना हुई है, छात्राएं उसके समर्थन में यह मार्च निकाल रही हैं। यह समर्थन केवल एक पीड़िता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी लड़कियों के लिए है, जिनके साथ ऐसी घटनाएं हुई हैं। मार्च में लेडी श्रीराम कॉलेज के अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य कॉलेजों की छात्राएं भी शामिल हुईं। छात्रा ने कहा कि हमारी प्रमुख मांग महिलाओं की सुरक्षा को लेकर है।

एक अन्य छात्रा ने कहा कि छात्राएं खुद को डरा हुआ महसूस कर रही हैं और दिल्ली की संस्थाओं को लेकर निराश हैं। पुलिस की जिम्मेदारी लोगों को सुरक्षित रखना है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपराधियों को पकड़ा जाए। कॉलेज और परिसर के बाहर सड़कों पर छात्राओं को सुरक्षा से जुड़े ऐसे मुद्दों का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लड़कों और युवाओं को इस तरह शिक्षित किया जाना चाहिए कि वे महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव रखें और उन्हें यह कभी न लगे कि महिलाओं के साथ अपराध करना स्वीकार्य है।

छात्रा ने सवाल उठाया कि यदि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर लड़कियों को घरों में रहने या कॉलेज नहीं जाने की सलाह दी जाए तो क्या यह समस्या का समाधान है। अगर समाज इसी तरह आगे बढ़ेगा तो आने वाले समय में लड़कियों को घरों तक सीमित करना पड़ेगा, क्योंकि अपराधियों को रोकने में संस्थाएं सक्षम नहीं होंगी। शासन और व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए छात्रा ने कहा कि छात्राएं चाहती हैं कि सभी संबंधित संस्थाएं जवाबदेही तय करें। उन्होंने दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय से जवाबदेही की मांग की।

छात्रा ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी जवाबदेही की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली में महिलाएं सुरक्षित क्यों महसूस नहीं कर रही हैं और सरकार इस दिशा में क्या कदम उठा रही है।

--आईएएनएस

पीएसके