दिल्ली को वैश्विक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने वाला बजट: कपिल मिश्रा
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने और दिल्ली का स्वरूप बदलने वाला बजट बताते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट दिल्ली के हर वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर करने के साथ पशुओं की तकलीफ को भी कम करने वाला संवेदनशील बजट है। कपिल मिश्रा ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प आत्मनिर्भर भारत और विकसित दिल्ली की दिशा में है, साथ ही दिल्ली को एक वैश्विक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग का बजट पिछले वर्ष के 121 करोड़ से तीन गुना से अधिक बढ़ाकर 412 करोड़ रुपए करने और कला, संस्कृति एवं भाषा के लिए 173 करोड़ रुपए का प्रावधान दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त करेगा। ब्रांडिंग दिल्ली योजना के तहत पर्यटन मास्टर प्लान, नई पर्यटन नीति और डिजिटल कंटेंट विकास के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। दिल्ली में पहली बार इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन होने जा रहा है, इससे दिल्ली को ग्लोबल कल्चरल मैप पर नई पहचान मिलेगी।
कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक भावना, एक पहचान और एक प्रेरणा है। दिल्ली के 13 प्रमुख प्रवेश द्वारों पर भव्य स्वागत द्वार बनाने से दिल्ली नये अवतार में नजर आएगी। इन पर 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे। साथ ही केंद्र सरकार के सहयोग से टाउन हॉल को ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। भव्य 'दिल्ली सदन' का निर्माण भी होगा।
गोसेवा के लिए 10 नई गौशालाएं बनेंगी, जिसके लिए 14 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। साथ ही 62.6 करोड़ की लागत से वेटरेनरी हॉस्पिटल का निर्माण और आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दिल्ली में डॉग होम्स भी विकसित किए जाएंगे।
श्रम मंत्री ने कहा कि गिग वर्कर्स के लिए वेलफेयर बोर्ड के गठन से उनकी सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
कपिल मिश्रा ने कहा कि 1,000 आधुनिक शौचालय ब्लॉक बनाने का फैसला दिल्ली को स्वच्छ बनाने और उसकी छवि सुधारने के साथ ही महिला स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि रोजगार सृजन की दिशा में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए नई एवीजीसी पॉलिसी से युवाओं को क्रिएटिव इकॉनमी में नए अवसर मिलेंगे और दिल्ली एक ग्लोबल क्रिएटिव हब के रूप में उभरेगी। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मजबूत करने के लिए दिल्ली इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी का पुनर्विकास भी किया जाएगा। साथ ही, दिल्ली को ‘कंसर्ट इकॉनमी’ की दिशा में आगे बढ़ाते हुए नई दिल्ली फिल्म पॉलिसी लाई जा रही है। युवा प्रतिभाओं को मंच देने के लिए टेलंट हंट स्कीम के तहत 70 विधानसभा क्षेत्रों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
विकास मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास को गति देने के लिए दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड हेतु 787 करोड़ रुपए का प्रावधान है। साथ ही टिकरी, खानपुर और गाजीपुर में आधुनिक फल, सब्जी एवं फूल मंडियों का विकास किया जाएगा।
विधि एवं न्याय मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शास्त्री पार्क, कड़कड़डूमा, रोहिणी और राउज एवेन्यू में नए न्यायालय कक्ष एवं परिसरों के निर्माण तथा रोहिणी में फैमिली कोर्ट की स्थापना हेतु 230 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
--आईएएनएस
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