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दिल्ली के आली गांव में घरों को मिले नोटिस का आम आदमी पार्टी ने किया विरोध, लोगों से मिले सौरभ भारद्वाज समेत कई नेता

 

नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिणी दिल्ली स्थित आली गांव के पीर मोहल्ला में लगभग सैकड़ों घरों पर कथित रूप से कोर्ट के नोटिस चस्पा किए जाने का आम आदमी पार्टी (आप) ने विरोध किया है। सोमवार को पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज, कुलदीप कुमार और विधायक अमानतुल्लाह खान ने आली गांव के निवासियों से मुलाकात की। उन्होंने प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध किया और निवासियों के लिए राहत की मांग की।

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने समाचार एजेंसी आईएएमएस से कहा, "हजारों लोग आली गांव में सैकड़ों सालों से रह रहे हैं। यह गांव है और ऐसे पुराने गांव पर बुलडोजर चलाना सरासर नाइंसाफी है। ये लोग अपने बच्चों और परिवारों को लेकर कहां जाएंगे? सरकार ऐसे कैसे कर सकती है? आज इस नाइंसाफी के खिलाफ हम सब लोग इन लोगों के साथ हैं और इनके साथ आवाज उठाएंगे।"

अमानतुल्लाह खान ने कहा, "आली गांव मेरे विधानसभा क्षेत्र (ओखला) में आता है। यहां तकरीबन 2,000 मकानों को सील करने के लिए आज प्रशासन के लोग आए थे। कोर्ट का ऑर्डर बता रहे हैं। 100 साल से ज्यादा समय से यहां लोग रह रहे हैं। किसी को 150 साल हो गया, किसी को 100 साल हो गया, किसी को 200 साल हो गया। 50 साल से कम कोई नहीं है। 2,000 मकानों का मतलब 15,000 लोग प्रभावित होने जा रहे हैं।”

अमानतुल्लाह खान ने कहा कि मेरी तमाम अधिकारियों से बात हुई थी। यहां सभी दलित समाज के लोग हैं। इन्होंने मुश्किल से अपने मकान बनाए। अगर अब इन्हें उजाड़ा जाएगा तो ये सभी लोग कहां जाएंगे। आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा, “दिल्ली में रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है। मैं पूछना चाहता हूं कि इन दलितों के घर क्यों उजाड़ना चाहते हैं।”

आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली की भाजपा सरकार दलित, गरीब और पिछड़ों के 2000 से अधिक मकानों पर बुलडोजर चलाने का काम कर रही हैं। अगर आज चार इंजन की सरकार का सबसे अधिक नुकसान किसी को हुआ है तो वह दिल्ली के दलित और गरीबों को हुआ है।

--आईएएनएस

डीसीएच/