दिल्ली: एक्यूआई पहुंचा ‘खराब’ श्रेणी में, मौसम से सुधार के संकेत, ग्रैप लागू नहीं करने का फैसला
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली में वायु गुणवत्ता एक बार फिर चिंता का विषय बनती नजर आई, जब बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दैनिक एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बुलेटिन के अनुसार शहर का औसत एक्यूआई 200 के आंकड़े को पार कर गया और शाम 4 बजे यह 232 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
इस स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के तहत गठित ग्रैप (जीआरएपी) उप-समिति ने उसी दिन शाम 4 बजे एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में मौजूदा वायु गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में न केवल वर्तमान एक्यूआई स्तर पर चर्चा हुई, बल्कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) द्वारा उपलब्ध कराए गए मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और आगामी दिनों के एक्यूआई अनुमानों का भी विस्तृत विश्लेषण किया गया।
बैठक के दौरान उप-समिति ने पाया कि शाम 4 बजे 232 तक पहुंचा एक्यूआई शाम 6 बजे तक घटकर 218 हो गया, जो यह संकेत देता है कि वायु गुणवत्ता में धीरे-धीरे सुधार की प्रवृत्ति शुरू हो गई है। इसके साथ ही, आईएमडी और आईआईटीएम द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमानों में यह भी संकेत दिया गया है कि आने वाले दिनों में ‘पश्चिमी विक्षोभ’ के सक्रिय होने और अनुकूल मौसम परिस्थितियों के कारण हवा की गति में वृद्धि होगी तथा हल्की बारिश होने की संभावना भी बनी हुई है। इन कारकों से प्रदूषकों के फैलाव और सफाई में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है, जिससे वायु गुणवत्ता में और सुधार हो सकता है।
उप-समिति ने अपने विश्लेषण में यह भी माना कि मौजूदा रुझानों और डायनामिक मॉडल के आधार पर आने वाले दिनों में दिल्ली का समग्र एक्यूआई ‘मध्यम’ श्रेणी में बना रह सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए समिति ने फिलहाल ग्रैप के चरण-I को लागू करने की आवश्यकता नहीं समझी है। हालांकि, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर त्वरित निर्णय लिए जाएंगे। आयोग ने यह भी आश्वासन दिया कि दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि नागरिकों को प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
--आईएएनएस
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