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दिल्ली: जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में एएसआई और हेड कांस्टेबल घायल, दोनों ने सुनाई आपबीती

 

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को आयोजित सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में पुलिस के कई जवान घायल हो गए। प्रदर्शन के दौरान कथित पथराव और बैरिकेड तोड़ने की घटनाओं में घायल हुए दिल्ली पुलिस के एएसआई दत्ता भरणे और हेड कांस्टेबल नवीन ओला ने आपबीती सुनाई।

दोनों पुलिसकर्मियों ने दावा किया कि भीड़ को कई बार समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कई जवान घायल हुए।

घायल एएसआई दत्ता भरणे ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि सोमवार सुबह उनकी ड्यूटी जंतर-मंतर के पास रेड लाइट पर धरना-प्रदर्शन स्थल पर बैरिकेडिंग पर लगाई गई थी। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग वहां जमा होने लगे और देखते ही देखते करीब आठ से दस हजार लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बार-बार समझाया कि उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं है। चेतावनी भी दी गई कि यदि उन्होंने आदेशों का पालन नहीं किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद भीड़ नहीं मानी और पहले सुरक्षा घेरे की बैरिकेडिंग को जबरन तोड़ दिया।

दत्ता भरणे ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिसकर्मी दूसरे सुरक्षा घेरे पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने वहां की बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। इसके बाद पुलिस ने संसद मार्ग थाने के सामने तीसरे बैरिकेड पर मोर्चा संभाला। वहां भी प्रदर्शनकारियों को शांत करने और रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति अचानक हिंसक हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया गया। इस पथराव में कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए। इसी दौरान भीड़ के भीतर से किसी ने उनके सिर पर पत्थर फेंका, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी। घायल होने के बाद उनके साथी पुलिसकर्मी उन्हें पीसीआर वाहन से तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर पर दो टांके लगाए और उपचार के बाद शाम को अस्पताल से छुट्टी दे दी।

एएसआई भरणे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व भी भीड़ में शामिल थे, जिन्होंने न तो पुलिस की बात सुनी और न ही कथित रूप से प्रदर्शन के आयोजकों की अपील मानी। कई जगह पुलिसकर्मियों पर सामूहिक रूप से हमला किया गया। घटना के वीडियो उपलब्ध हैं, जिनमें पूरी घटना देखी जा सकती है।

वहीं, प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल नवीन ओला ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ अचानक उग्र हो गई और पुलिस की स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश विफल हो गईं। पुलिसकर्मी विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित रखते हुए भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि पत्थर लगने से उनके सिर में गंभीर चोट आई।

उन्होंने कहा कि घायल होने के बाद उन्हें पीसीआर वाहन से आरएमएल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज किया गया। उनके सिर पर तीन टांके लगाए गए और रात करीब 10 से 11 बजे के बीच अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इलाज के दौरान दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें पुलिस आयुक्त भी शामिल थे, अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें हौसला दिया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम