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'ईद पर उत्तम नगर का माहौल न बिगड़े', दिल्ली पुलिस को हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
 

 

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उत्तम नगर में ईद के मौके पर माहौल न बिगड़े। कोर्ट ने कहा कि  पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने समेत तमाम एहतियाती कदम उठाए ताकि ईद का त्योहार शांतिपूर्ण मनाया जा सके। कोर्ट ने कहा कि इलाके में पुलिस के सुरक्षा प्रबंध रामनवमी के बाद तक जारी रखे जाएं। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि समाज के सभी वर्ग भी आपस में संयम रखें  ताकि शांति और सद्भाव बना रहे।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को ईद के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि राम नवमी तक इलाके में पुलिस व्यवस्था जारी रहनी चाहिए।

6 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उत्तम नगर में सांप्रदायिक घटनाओं को रोकने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ईद पर हिंसा की आशंका को देखते हुए उत्तम नगर क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही रामनवमी के त्योहार तक पुलिस की यह व्यवस्था बरकरार रखने का भी निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।

नागरिक समाज समूह ने गृहमंत्री को पत्र लिखा

सिटिजंस फॉर फ्रैटरनिटी नामक नागरिक समाज समूह ने मुस्लिम समुदाय को खुली धमकी मिलने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा और पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के लिए विशेष निर्देश देने का आग्रह किया। पत्र पर दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व उपकुलपति जमीर उद्दीन शाह, पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी, उद्योगपति सईद शेरवानी और पूर्व सीमाशुल्क आयुक्त सैयद महमूद अख्तर के हस्ताक्षर हैं। पत्र में कहा गया है, "होली पर तरुण नामक युवक की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से संबंधित प्रकरण की हम कड़ी निंदा करते हैं। इससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी के बावजूद कई समूह, व्यक्ति और संगठन उत्तम नगर का दौरा करके क्षेत्र की शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं।" 

अपराधियों को सजा की मांग

पत्र में कहा गया है कि कई लोगों ने ईद की नमाज में व्यवधान डालने की धमकी दी है। सीएफएफ ने पत्र में लिखा, "अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दी जानी चाहिए और ऐसी सजा दी जानी चाहिए कि फिर दोबारा ऐसी घटना न हो। किसी को भी इस घटना का इस्तेमाल करके दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।" पत्र में कहा गया है, "हम विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि पुलिस को सतर्क रहने और खुली धमकी जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए जाएं। हमें यकीन है कि आपके निर्देशों का आवश्यक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।" 

चार मार्च को भड़की थी हिंसा

चार मार्च को होली के दिन जेजे कॉलोनी इलाके में 26 वर्षीय तरुण के परिवार और पड़ोसियों के बीच हुई झड़प के दौरान तरुण की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, हिंसा उस समय भड़की जब तरुण के परिवार की एक लड़की द्वारा फेंके गए गुब्बारे का पानी पड़ोसी परिवार की एक महिला पर जा गिरा। बाद में कुछ हिंदू संगठनों ने हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोपी परिवार के दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने तब से सुरक्षा बढ़ा दी है और ईद से पहले किसी भी तनाव को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।