×

दिल्ली: द्वारका में फर्जीवाड़ा कर एक्सपायर हो चुके खाद्य सामान को बेच रहे थे, तीन आरोपी गिरफ्तार

 

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली के द्वारका इलाके में अपराध शाखा ने एक बड़े संगठित रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह रैकेट एक्सपायर्ड और छेड़छाड़ किए गए खाने-पीने के सामान को दोबारा पैक करके बाजार में बेचने का काम कर रहा था। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में नामी कंपनियों के उत्पाद भी बरामद किए हैं, जिन पर नकली निर्माण और समाप्ति तिथि छापी गई थी।

पुलिस के अनुसार 29 मार्च को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि द्वारका के बामनोली गांव में एक गोदाम के अंदर अवैध तरीके से खाद्य पदार्थों की रीपैकेजिंग का काम चल रहा है। सूचना मिलते ही एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने पूरी योजना के साथ मौके पर छापा मारा।

छापेमारी के दौरान गोदाम के अंदर बड़ी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक्स और अन्य खाने-पीने के सामान पाए गए। जांच में सामने आया कि ये सामान या तो एक्सपायर हो चुके थे या उनकी एक्सपायरी तारीख बहुत करीब थी। मौके पर मौजूद दो लोगों को पकड़ लिया गया, जिनकी पहचान शिवम सिंह और लोकेश कुमार के रूप में हुई। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे यह काम कमल मुदगिल के कहने पर कर रहे थे, जो इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक है। कुछ ही देर बाद कमल मुदगिल भी मौके पर पहुंच गया, जिसे पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि इस रैकेट में आरोपी पहले बाजार से एक्सपायर या जल्द एक्सपायर होने वाले उत्पाद सस्ते दामों पर खरीदते थे। इसके बाद वे उन उत्पादों पर लिखी असली निर्माण और समाप्ति तिथि को केमिकल की मदद से मिटा देते थे। फिर विशेष मशीन के जरिए उन पर नई और नकली तारीखें छाप दी जाती थीं। इसके बाद सामान को नए कार्टन में पैक करके बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। इस प्रक्रिया के जरिए आरोपी न केवल लोगों को धोखा दे रहे थे, बल्कि उनकी सेहत के साथ भी गंभीर खिलवाड़ कर रहे थे।

छापे के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक्स और बिस्किट जैसे खाद्य उत्पाद जब्त किए हैं। इसके अलावा, नकली तारीखें छापने वाली प्रिंटिंग मशीन और केमिकल भी बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल इस अवैध काम में किया जा रहा था। मौके पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को भी बुलाया गया, जिसने उत्पादों के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है।

इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से बड़ी मात्रा में असुरक्षित खाद्य पदार्थों को बाजार में पहुंचने से रोका गया है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इससे ऐसे अवैध कारोबार करने वालों में डर का माहौल बनेगा।

--आईएएनएस

वीसी