Delhi BRICS Summit 2026: भारत बना ग्लोबल पॉलिटिक्स का केंद्र, पुतिन-जिनपिंग की एंट्री से दुनिया में हलचल
BRICS शिखर सम्मेलन पर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं। इस सम्मेलन में होने वाली हर महत्वपूर्ण बातचीत और फैसले पर कई देशों की सरकारों और खुफिया एजेंसियों की भी नजर रहेगी। इसी बीच चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे की पुष्टि कर दी है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने घोषणा करते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
आखिरी बार कब भारत आए थे शी जिनपिंग?
शी जिनपिंग इससे पहले 11-12 अक्टूबर 2016 को भारत आए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात चेन्नई के महाबलीपुरम में हुई थी। यह दोनों नेताओं के बीच दूसरा अनौपचारिक शिखर सम्मेलन था।
इससे पहले शी जिनपिंग ने 2014 में भारत का दौरा किया था। उस समय दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई थी। इसके बाद 2016 में वह गोवा में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में भी शामिल हुए थे।
गलवान के बाद बिगड़े थे रिश्ते
भारत और चीन के रिश्तों में 2020 की गलवान घाटी की घटना के बाद बड़ा तनाव पैदा हुआ। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर परिस्थितियां काफी गंभीर हो गई थीं और द्विपक्षीय संबंधों पर भी इसका असर पड़ा।
हालांकि, बाद के वर्षों में दोनों देशों ने धीरे-धीरे तनाव कम करने की दिशा में कदम बढ़ाए। दोनों देशों के बीच बातचीत और कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी रहे।
खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से इस दौरान एक-दूसरे के खिलाफ बेहद कठोर सार्वजनिक बयानबाजी से काफी हद तक परहेज किया गया।
अब शी जिनपिंग के नई दिल्ली दौरे को भारत और चीन के रिश्तों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। BRICS सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच किन मुद्दों पर बातचीत होती है और इसका भविष्य के संबंधों पर क्या असर पड़ता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।