दिल्ली बीएमडब्ल्यू दुर्घटना: कोर्ट ने आरोपी को आरोपपत्र उपलब्ध कराने का आदेश दिया
नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को हाई-प्रोफाइल धौला कुआं बीएमडब्ल्यू सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी गगनप्रीत कौर को आरोपपत्र की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस घटना में वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की जान चली गई थी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अंकित गर्ग ने यह आदेश तब पारित किया जब गगनप्रीत कौर पहले जारी किए गए समन के तहत पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुईं। मामले की दस्तावेजों की जांच के लिए 20 फरवरी की तारीख तय की गई है।
अदालत ने 23 जनवरी को दिल्ली पुलिस द्वारा दायर आरोपपत्र का संज्ञान लिया था और आरोपी को समन जारी किया था।
संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेट ने टिप्पणी की थी: “मैंने आरोपपत्र और उससे जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन किया है। प्रथम दृष्टया अपराध का प्रमाण मिलता है। मैं अपराध का संज्ञान लेता हूं। अगली सुनवाई की तारीख के लिए आरोपी को समन जारी किया जाए।”
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 281, 125बी और 238ए के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह दुर्घटना 14 सितंबर, 2025 को धौला कुआं क्षेत्र में हुई, जब गगनप्रीत कौर द्वारा चलाई जा रही बीएमडब्ल्यू कार ने कथित तौर पर एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसके परिणामस्वरूप वित्त मंत्रालय के उप सचिव नवजोत सिंह की मृत्यु हो गई और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
दिल्ली पुलिस ने संज्ञान के बिंदु पर अपनी दलीलों में दावा किया कि दुर्घटना आरोपी की गलती के कारण हुई और उसने जानबूझकर घायल व्यक्ति को दूर के अस्पताल में ले पहुंचाया, जिससे महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' का नुकसान हुआ।
आरोपपत्र में कहा गया है कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से पीड़ित की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, पास के अस्पतालों जैसे एम्स या आर्मी बेस अस्पताल में ले जाने के बजाय, पीड़ित को उत्तरी दिल्ली के नुलाइफ अस्पताल ले जाया गया, जिसके कारण घातक देरी हुई।
जांच के दौरान प्राप्त सीसीटीवी फुटेज का भी अभियोजन पक्ष ने दुर्घटना के बाद की घटनाओं के क्रम को स्थापित करने के लिए उपयोग किया है।
--आईएएनएस
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