दिल्ली: 'आप' ने गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों में 50 प्रतिशत लोगों तक एन्यूमरेशन फॉर्म नहीं पहुंचने का लगाया आरोप
नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा 99 प्रतिशत से अधिक एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए जाने का दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। उनका कहना है कि दिल्ली के गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले करीब 50 प्रतिशत लोगों तक अब तक एन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचे ही नहीं हैं, जिससे बड़ी संख्या में मतदाता इस प्रक्रिया से बाहर रह सकते हैं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि लोगों को एन्यूमरेशन फॉर्म ही नहीं मिलेगा, तो वे उसे भरकर जमा कैसे करेंगे और उनका एसआईआर कैसे पूरा होगा। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वह गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों में जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करे। उनका दावा है कि कई बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास बड़ी संख्या में फॉर्म मौजूद हैं, लेकिन उन्हें लोगों तक पहुंचाया नहीं जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जहां पॉश कॉलोनियों और डीडीए फ्लैट्स में फॉर्म घर-घर पहुंचाए गए हैं, वहीं दिल्ली की लगभग 70 प्रतिशत आबादी वाले गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों की अनदेखी की जा रही है।
बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने भी एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के कई बूथों पर केवल 30 से 35 प्रतिशत एन्यूमरेशन फॉर्म ही जमा हुए हैं। उन्होंने बूथ नंबर 64, 158 और 160 के आंकड़े साझा करते हुए दावा किया कि हजारों मतदाताओं में से केवल कुछ सौ लोगों ने ही फॉर्म जमा किए हैं। उनका आरोप है कि शेष मतदाताओं को 'शिफ्टेड' दिखाकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की तैयारी की जा रही है।
संजीव झा ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक व्यक्ति को बीएलओ ने यह कहकर लौटा दिया कि उसका एसआईआर उत्तराखंड में हो चुका है, जबकि जांच में यह दावा गलत निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में बिना उचित सत्यापन के मतदाताओं के नाम काटने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्री-एसआईआर अभियान के दौरान पहले ही लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं और अब भी बड़ी संख्या में लोग अपने वोटर लिस्ट में नाम न होने की शिकायत कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि एसआईआर प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाई जाए और जिन मतदाताओं के नाम पहले हटाए गए हैं, उनके लिए विशेष समाधान निकाला जाए। पार्टी का कहना है कि यदि वर्तमान प्रक्रिया इसी तरह जारी रही तो गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों में बड़ी संख्या में मतदाता अपने मतदान अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
वहीं, पार्टी के नेता और पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने आरोप लगाया कि दिल्ली में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव है और बड़े स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बीएलओ पर दबाव बनाकर मतदाता सूची में बदलाव कराया जा रहा है।
दुर्गेश पाठक ने विशेष रूप से किराए पर रहने वाले लोगों की समस्या उठाते हुए कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग रोजगार के कारण अक्सर अपना निवास बदलते रहते हैं, जिससे उनके वोट कटने का खतरा अधिक रहता है। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि दिल्ली की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए एसआईआर प्रक्रिया में अधिक संवेदनशीलता बरती जाए और किराएदारों सहित सभी पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
--आईएएनएस
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