देहरादून : सृष्टि कंडारी मामले में राज्य महिला आयोग अध्यक्ष ने जताया दुख, कहा- जीवन खत्म करना समाधान नहीं
ऋषिकेश, 1 अगस्त (आईएएनएस)। देहरादून की शिक्षिका सृष्टि कंडारी के मामले में उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने दुख जताते हुए इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए कुसुम कंडवाल ने कहा कि यह बहुत दुखद मामला है। वह शिक्षिका थीं और विवाह के महज आठ महीने बाद उन्हें सुसाइड करना पड़ा। मैं लगातार पुलिस के संपर्क में हूं। हम लोग स्वतः संज्ञान भी लेते हैं। कोई भी इतनी आसानी से सुसाइड नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि मैंने प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सीएम ने सीबी-सीआईडी से मामले की जांच कराने की बात कही है। कोई भी पढ़ी-लिखी महिला सुसाइड कर ले, यह बहुत गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि किसी भी महिला या बेटी के साथ प्रताड़ना हो रही है तो आप महिला आयोग से तुरंत संपर्क करें। यहां से आपको मदद मिलेगी, लेकिन अपनी जीवनलीला खत्म कर लेना कोई समाधान नहीं है। प्रताड़ना सहना भी अपराध है, इसलिए आप मुखर होकर हम लोगों के पास पहुंचिए।
उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि इस मामले की जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए।
उन्होंने कहा कि मेरी सृष्टि कंडारी की माता से बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि वह वापस घर आ रही थीं, लेकिन घर आने से पहले ही उन्होंने सुसाइड कर लिया। उन्हें प्रताड़ित किया गया था। परिवार के जो लोग भी उन्हें प्रताड़ित करने में शामिल थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति और ननद को हिरासत में ले लिया है। एसएसपी का कहना है कि सास के विरुद्ध भी सबूत एकत्रित किए जा रहे हैं। अगर कोई सबूत मिलते हैं तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। सृष्टि ने अपनी जान देने से पहले एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उसने बताया था कि कैसे उसके ससुराल के लोग प्रताड़ित कर रहे हैं। वह अपनी मां और बहन से माफी मांगती दिखाई दे रही है।
--आईएएनएस
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