दीपोत्सव की भव्यता के साक्षी बने कलाकार, श्रद्धालु बोले- अयोध्या में दिखा संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम
अयोध्या, 8 नवंबर (आईएएनएस)। दीपोत्सव-2026 में रामनगरी की भव्यता और सांस्कृतिक वैभव ने हर किसी का मन मोह लिया। राम की पैड़ी से लेकर शहर के प्रमुख आयोजन स्थलों तक आस्था, उल्लास और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित दीपोत्सव में कलाकारों, श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों की भागीदारी ने इसे और खास बना दिया।
किसी ने अपनी कला के माध्यम से रामायण की गाथा को जीवंत किया तो किसी ने दीपों और रोशनी से सजी अयोध्या को अपनी आंखों में संजोया। आयोजन में शामिल हुए शोभित ने कहा कि इस बार की भव्यता और व्यवस्थाओं ने उन्हें अविस्मरणीय अनुभव दिया। दीपोत्सव कलाकारों के लिए भी अपनी प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करने का विशेष अवसर बना।
विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों और भारतीय परंपराओं को जीवंत किया। केरल की ईश्वरतरुण ने कहा कि योगी सरकार की ओर से दीपोत्सव को लगातार भव्य स्वरूप दिए जाने से लोककला, संस्कृति और पारंपरिक विधाओं को नई पहचान मिल रही है। ऐसे आयोजनों से कलाकारों का उत्साह बढ़ता है और उन्हें बड़े मंच पर अपनी कला दिखाने का अवसर मिलता है। राम की पैड़ी पर उमड़ी भीड़, आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी और आधुनिक तकनीक से सजी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लोग परिवार के साथ आयोजन का आनंद लेते और मोबाइल कैमरों में यादगार पलों को कैद करते नजर आए। अम्बेडकर नगर से दीपोत्सव देखने आए विवेक ने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव का स्वरूप हर साल और आकर्षक होता जा रहा है। रामनगरी की सजावट, धार्मिक वातावरण और भव्य आयोजन को करीब से देखना उनके लिए खास अनुभव रहा।
लोगों ने माना कि इस आयोजन ने अयोध्या की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत किया है। इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने में स्वयंसेवकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। व्यवस्था संभालने से लेकर श्रद्धालुओं को सहयोग देने तक उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ काम किया।
खुशी सिंह ने बताया कि अयोध्या के ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर दीपोत्सव जिस व्यापक स्वरूप में आयोजित हो रहा है, उससे आम लोगों को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
दीपोत्सव-2026 में पहली बार श्रीराम-जानकी मंदिर, साहिबगंज की 151 वर्ष पुरानी रामलीला परंपरा को भव्य मंच मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में स्वदेशी रामलीला का मंचन किया गया। इसमें लकी गुप्ता ने भगवान श्रीराम, गौरव गुप्ता ने लक्ष्मण, सूरज साहू ने परशुराम और ऋषि गौड़ ने विश्वामित्र की भूमिका निभाई।
भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले लकी गुप्ता ने कहा कि रामकथा पार्क में मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुति देना गौरवपूर्ण अनुभव है। योगी सरकार ने स्थानीय कलाकारों को बड़ा मंच और सम्मान दिया है। लक्षण की भूमिका निभाने वाले गौरव ने कहा कि रामनगरी में लक्ष्मण का किरदार निभाना सौभाग्य की बात है। सरकार अयोध्या की संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान दे रही है।
-- आईएएनएस
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