दावणगेरे के स्वामी त्यागिश्वरानंद बोले- 'युवा भारत का भविष्य, विवेक स्मारक देगा मार्गदर्शन', पीएम मोदी की प्रशंसा की
मैसूर, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के दावणगेरे स्थित रामकृष्ण आश्रम के सचिव स्वामी त्यागिश्वरानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैसूर दौरे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने शिक्षा, संस्कृति और धर्म की विरासत को मजबूत करने पर ध्यान दिया है। वे इन लक्ष्यों को पाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कर्नाटक के मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन करेंगे। विवेक स्मारक स्वामी विवेकानंद की भारत यात्रा के दौरान नवंबर 1892 में मैसूरु की ऐतिहासिक यात्रा स्मृति में बनाया गया है।
उद्घाटन से पहले स्वामी त्यागिश्वरानंद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "विवेक स्मारक का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शिक्षित और प्रेरित करना है। हम जो भी करते हैं, वह हमारे मूल सिद्धांतों और हमारे आदर्श वाक्य से प्रेरित होता है। आज की युवा पीढ़ी भारत का भविष्य है और हमारी भूमिका उन्हें प्रेरित और मार्गदर्शन करना है। हमारा लक्ष्य 'आत्मनो मोक्षार्थं जगद्धिताय च' के आदर्श के माध्यम से अज्ञानता को दूर करना है, यानी दुनिया के कल्याण के लिए काम करते हुए अपनी आध्यात्मिक उन्नति करना।"
स्वामी त्यागिश्वरानंद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और उनकी शिक्षाएं सभी के लिए हैं, खासकर युवाओं के लिए। वे सचमुच भारत के 'यूथ आइकॉन' हैं। स्वामीजी हमेशा युवाओं में जोश भरने के लिए प्रेरणादायक और प्रभावशाली भाषा का इस्तेमाल करते थे और उन्हें याद दिलाते थे कि 'हर आत्मा में दिव्यता छिपी होती है।' उन्होंने सिखाया कि अगर आपके अंदर की दिव्यता जाग जाए, तो आप जो भी सोचें या पाना चाहें, उसे हासिल कर सकते हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी उपलब्धियों को देखें तो पता चलता है कि उन्होंने बुनियादी चीजों को मजबूत करने पर ध्यान दिया है, जैसे शिक्षा में सुधार, सीखने के मौकों को बढ़ाना, भारत की संस्कृति को बढ़ावा देना और देश की सनातन धर्म की विरासत को मजबूत करना। वे इन लक्ष्यों को पाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
बता दें कि ऐतिहासिक निरंजन मठ में स्थापित विवेक स्मारक 81,000 वर्ग फुट से अधिक के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें एक मुख्य भवन और एक संलग्न ब्लॉक शामिल है। इसमें एक 4-डी अनुभव केंद्र, एक प्रदर्शनी हॉल, लगभग 700 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एम्फीथिएटर, कक्षाएं, सम्मेलन कक्ष, पुस्तकालय, वाचनालय, ध्यान और योग कक्ष तथा पुस्तक स्टॉल स्थित हैं। केंद्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
स्वामी विवेकानंद के जीवन, संदेश और आदर्शों को समर्पित, यह सांस्कृतिक युवा केंद्र मूल्य-आधारित शिक्षा, नेतृत्व विकास और व्यक्तित्व निर्माण के लिए एक जीवंत केंद्र के रूप में कार्य करने का लक्ष्य रखता है। उम्मीद है कि स्वामी विवेकानंद के राष्ट्र निर्माण और चरित्र विकास के दर्शन से प्रेरित व्याख्यानों, कार्यशालाओं, अल्पकालिक पाठ्यक्रमों और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से यह केंद्र आसपास के शिक्षण संस्थानों के 10,000 से अधिक छात्रों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण युवाओं को लाभान्वित करेगा।
--आईएएनएस
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